मुजफ्फरनगर/हांसी। हरियाणा की हांसी शहर थाना पुलिस ने गोवंश तस्करी के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब पांच वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद शोएब पुत्र अज्ञात निवासी गांव जोली, थाना भोपा, जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। आरोपी वर्ष 2020 में दर्ज गोवंश तस्करी के मुकदमे में वांछित था और लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

मामले की जानकारी देते हुए जांच अधिकारी एवं उपनिरीक्षक मुनीश ने बताया कि यह मामला वर्ष 2020 का है, जब हांसी शहर थाना में हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गोसंवर्धन अधिनियम-2015 तथा पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उस समय पुलिस को गोरक्षक दल के माध्यम से गुप्त सूचना मिली थी कि बरवाला बाइपास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग से एक ट्रक में बड़ी संख्या में गोवंश को अवैध रूप से ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल नाकेबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को सामने देखकर ट्रक चालक और उसका साथी वाहन को बीच रास्ते में छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने जब ट्रक की तलाशी ली तो उसके भीतर क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरे गए कई गोवंश बरामद हुए। पुलिस ने सभी गोवंश को सुरक्षित मुक्त कराकर गोशाला भिजवाया और ट्रक को कब्जे में लेकर तस्करों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने वाहन मालिक सहित मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जबकि मुजफ्फरनगर निवासी मोहम्मद शोएब लगातार पुलिस से बचता रहा। पुलिस के अनुसार वह गिरफ्तारी से बचने के लिए समय-समय पर अपना ठिकाना बदलता रहा, जिससे उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी।
हांसी पुलिस को हाल ही में आरोपी की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मामले की जांच में शामिल किया गया और उससे गोवंश तस्करी से जुड़े नेटवर्क, अन्य आरोपियों तथा घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना स्थल की तस्दीक भी कराई और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश कर दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
हांसी पुलिस की इस कार्रवाई को लंबे समय से लंबित पड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। करीब पांच वर्ष तक फरार रहने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

