मुजफ्फरनगर में बारिश का कहर: दो मकान ढहे, महिला की मौत, एक साल के मासूम समेत चार घायल

मुजफ्फरनगर में बारिश का कहर: दो मकान ढहे, महिला की मौत, एक साल के मासूम समेत चार घायल

मुजफ्फरनगर। जनपद में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। लगातार बरसात के चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं, बारिश के कारण कमजोर हो चुके कच्चे और जर्जर मकान भी लोगों के लिए मौत का कारण बनते जा रहे हैं। शुक्रवार तड़के जिले में अलग-अलग स्थानों पर दो मकान ढहने की दर्दनाक घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। इन हादसों में एक बुजुर्ग महिला की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि एक वर्षीय मासूम सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया।

मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव खानपुर स्थित सुभाष कॉलोनी में पहला हादसा शुक्रवार सुबह करीब चार बजे हुआ। यहां रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर कृष्णपाल अपनी 60 वर्षीय पत्नी सरोज के साथ कच्चे और जर्जर मकान में सो रहे थे। लगातार हो रही बारिश के कारण मकान की दीवारें और छत पहले से ही कमजोर हो चुकी थीं। अचानक कमरे की दीवार, गार्डर और पत्थर की सिल्ली से बनी छत भरभराकर दोनों के ऊपर गिर गई। तेज धमाके और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े और पुलिस तथा प्रशासन को सूचना देने के साथ राहत कार्य में जुट गए।

ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे दंपति को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सरोज की मौत हो चुकी थी। वहीं उनके पति कृष्णपाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के समय दंपति का 20 वर्षीय पुत्र आकाश दूसरे कमरे में सो रहा था, जिससे उसकी जान बच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

ग्राम प्रधान राजीव धनगर ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मकान के पीछे स्थित खाली गहरे प्लॉट में पानी भर गया था, जिससे मकान की नींव कमजोर हो गई और यह हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम खतौली ललित मिश्रा ने मौके का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार को शासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

इसी बीच दूसरा हादसा जानसठ तहसील क्षेत्र के गांव जटवाड़ा में सामने आया, जहां लगातार बारिश के चलते एक मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर के भीतर सो रहे गुलशेर, उनकी पत्नी बानो और उनका एक वर्षीय पुत्र मोहम्मद अहमद मलबे में दब गए। आसपास के लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।

घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम जानसठ रश्मि लाम्बा प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उनकी देखरेख में घायलों को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ भेजा गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

लगातार हो रही बारिश के बीच सामने आई इन घटनाओं के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे जर्जर और कच्चे मकानों में रहने से बचें तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और कमजोर भवनों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से भी परहेज करने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने कहा है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, मकान में दरार आने, जलभराव बढ़ने या अन्य खतरे की आशंका होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग अथवा पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य कर जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिले के संवेदनशील क्षेत्रों पर प्रशासन की विशेष नजर बनी हुई है।

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