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अहिंसा का सिद्धांत और इतिहास के पन्ने: गांधी जी के इन निर्णयों पर क्यों उठते रहे हैं सवाल?
हिसंक गाँधी हमने हमेशा कर्मचन्द गाँधी उर्फ महात्मा गाँधी को स्वतन्त्रता संग्राम के अहिंसावादी नेता के रूप में पढ़ा है। महात्मा गाँधी के अनुसार अहिंसा का अर्थ केवल किसी की शारीरिक हत्या न करना नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म से किसी भी जीव को…