मुजफ्फरनगर में पड़ोसी विवाद के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप, दंपति ने मारपीट और हवालात में बंद करने का लगाया आरोप

मुजफ्फरनगर में पड़ोसी विवाद के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप, दंपति ने मारपीट और हवालात में बंद करने का लगाया आरोप

मुजफ्फरनगर। थाना ककरौली क्षेत्र में पड़ोसियों के बीच शुरू हुआ विवाद अब पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। गांव ककरौली निवासी एक दंपति ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी के हमले की शिकायत लेकर थाने पहुंचने पर पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उनके साथ मारपीट की, अभद्र व्यवहार किया और दोनों को हवालात में बंद कर दिया। घायल दंपति का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी पड़ोसी और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित शाहनवाज के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पड़ोसी शबा करीम पुत्र सैय्यद आया ने उनके चार वर्षीय बेटे के साथ कथित मारपीट की। इस घटना के बाद 6 जुलाई को उन्होंने अपनी पत्नी आबिदा के साथ थाना ककरौली पहुंचकर तहरीर दी, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

शाहनवाज का कहना है कि पुलिस की ओर से कार्रवाई न होने के कारण आरोपी के हौसले बढ़ गए और बाद में उस पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

पीड़ित दंपति का आरोप है कि घायल अवस्था में जब वे दोबारा शिकायत लेकर थाना ककरौली पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी बात सुनने के बजाय शाहनवाज के साथ मारपीट की और उन्हें हवालात में बैठा दिया। शाहनवाज का आरोप है कि जब उनकी पत्नी आबिदा ने इसका विरोध करते हुए पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट की, अभद्र व्यवहार किया और उन्हें भी हवालात में बंद कर दिया।

घटना के बाद दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। अस्पताल में भर्ती दंपति ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

पीड़ितों ने आरोपी पड़ोसी के साथ-साथ उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिन पर मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक थाना ककरौली पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया था। मामले में पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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