मुजफ्फरनगर में 11 सूत्रीय मांगों पर भाकियू का अल्टीमेटम, ‘यह सिर्फ ट्रेलर है, मांगें नहीं मानीं तो होगा चक्का जाम’

मुजफ्फरनगर में 11 सूत्रीय मांगों पर भाकियू का अल्टीमेटम, ‘यह सिर्फ ट्रेलर है, मांगें नहीं मानीं तो होगा चक्का जाम’

मुजफ्फरनगर। मूसलाधार बारिश के बावजूद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सदर तहसील परिसर में करीब पांच घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से तहसील पहुंचे तथा विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने के समापन पर भाकियू नेताओं ने नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ को मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के नाम संबोधित 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। प्रशासन की ओर से 20 जुलाई तक समाधान का आश्वासन मिलने पर धरना समाप्त कर दिया गया।

भाकियू ने अपने मांगपत्र में तहसील और राजस्व विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, बिजली विभाग की कार्यप्रणाली तथा ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। किसानों ने आरोप लगाया कि अंश निर्धारण और दाखिल-खारिज के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। संगठन ने इस पर तत्काल रोक लगाने, आय प्रमाण पत्र बनवाने में कथित अवैध वसूली समाप्त करने तथा राशन कार्ड में पात्र लोगों के नाम जोड़ने के लिए निश्चित समय सीमा तय करने की मांग की।

किसानों ने ग्राम रोहाना खुर्द में निर्माणाधीन एमएसटी सीबीजी बायोगैस प्लांट की भूमि की पैमाइश कराकर अवैध कब्जे हटाने, मुर्दा पशुओं के लिए आरक्षित भूमि का स्थान न बदलने तथा विवादित शिव मंदिर प्रकरण का शांतिपूर्ण समाधान कराने की भी मांग उठाई। इसके अलावा बघरा ब्लॉक के नगला पिथौरा गांव में एक किसान की भूमि पर कथित कब्जा कर फसल कटवाने के मामले में दोषी राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

भाकियू ने ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि किसानों की सहमति के बिना इन्हें नहीं लगाया जाना चाहिए। सिंचाई और जलभराव की समस्या को उठाते हुए संगठन ने पुरकाजी क्षेत्र के शेरपुर खादर में सोलानी नदी पर बने पुल के कारण फसलों में होने वाले जलभराव का स्थायी समाधान तथा एनएच-58 स्थित नरा-जड़ौंदा नाले की तत्काल सफाई कराने की मांग भी की।

धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने कहा कि किसान प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ सरकारी तंत्र की लापरवाही और भ्रष्टाचार से भी परेशान है। उन्होंने कहा कि गरीब किसानों को अपनी ही जमीनों से जुड़े कार्यों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल शुरुआत है और यदि 11 सूत्रीय मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन जिले में चक्का जाम सहित बड़ा आंदोलन करेगी।

नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ ने किसानों के बीच पहुंचकर उनका ज्ञापन प्राप्त किया और आश्वासन दिया कि सभी मांगों की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय एवं तहसील स्तर पर समाधान योग्य मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा में निस्तारण कराया जाएगा।

बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी और लंबे समय तक चले धरने ने प्रशासन का ध्यान किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया। भाकियू ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।

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