मुजफ्फरनगर। जनपद के ऐतिहासिक शिव चौक पर शुक्रवार देर रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब हरिद्वार से गंगाजल लेकर गाजियाबाद लौट रहे कांवड़ियों के एक जत्थे और पुलिस के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद हो गया। मामूली कहासुनी देखते ही देखते हंगामे में बदल गई। नाराज कांवड़ियों ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए शिव चौक पर धरना दे दिया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात और माहौल प्रभावित रहा।

जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के 50 से अधिक कांवड़ियों का जत्था एक डबल रूफ (दो मंजिला) डीजे वाहन के साथ शिव चौक की ओर बढ़ रहा था। वाहन की ऊपरी छत पर कई कांवड़िये खड़े होकर नाच-गा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने देखा कि शिव चौक के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है, जिससे हादसे की आशंका थी।

शहर कोतवाली प्रभारी बृजेश शर्मा ने पुलिस बल के साथ जत्थे को रोककर सुरक्षा के मद्देनजर ऊपरी छत पर खड़े कांवड़ियों से नीचे उतरने का आग्रह किया। आरोप है कि इसी बात को लेकर कुछ कांवड़िये नाराज हो गए और पुलिस से तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई।
बताया गया कि गाजियाबाद निवासी मोहित चौधरी और विजेंद्र भगत सहित कुछ कांवड़ियों ने विरोध करते हुए शिव चौक पर धरना शुरू कर दिया। विवाद के दौरान एक युवक का पुलिस अधिकारी को धमकी देते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह वर्दी उतरवाने जैसी बात कहता दिखाई दे रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी एवं अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कांवड़ियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया, जिसके बाद जत्था अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गया।
कवरेज कर रहे पत्रकारों से मारपीट, एक की अंगुली में फ्रैक्चर
हंगामे के दौरान घटनास्थल पर मौजूद पत्रकारों के साथ भी अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया। आरोप है कि जब मीडियाकर्मी विवाद की कवरेज कर रहे थे, तभी भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस दौरान एक पत्रकार की अंगुली में गंभीर चोट आई, जिसे फ्रैक्चर बताया गया है।
पीड़ित पत्रकारों ने कोतवाली में मोहित चौधरी और विजेंद्र भगत को नामजद करते हुए 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित तहरीर दी है।
पुलिस बोली— वीडियो के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ियों को केवल सुरक्षा कारणों से रोका गया था, ताकि हाईटेंशन बिजली लाइन के कारण कोई दुर्घटना न हो। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस कार्य में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारियों से अभद्रता करने और पत्रकारों के साथ मारपीट के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटनास्थल के वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

