मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र के गांव निरधना में मारपीट के दौरान बीच बचाव करने पहुंची एक नाबालिग किशोरी के घायल होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विवाद शांत कराने पहुंची किशोरी के सिर में गंभीर चोट लग गई, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक अन्य नामजद आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है।

विवाद शांत कराने पहुंची थी किशोरी
पुलिस के अनुसार गांव निरधना निवासी अनीष पुत्र अली मोहम्मद ने नौ अगस्त को चरथावल थाने में तहरीर दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांव के ही गय्यूर पुत्र शरीफ, इंतजार पुत्र गय्यूर और हसीन पुत्र गय्यूर ने एक राय होकर उनके साथ गाली गलौज की और मारपीट की।

आरोप है कि इसी दौरान अनीष की नाबालिग पुत्री सिदरा विवाद को शांत कराने और बीच बचाव करने के लिए मौके पर पहुंची।
सिर में चोट लगने से हुई बेहोश
तहरीर के अनुसार, जब सिदरा बीच बचाव का प्रयास कर रही थी, तभी उसके सिर में गंभीर चोट लग गई। चोट लगने के बाद किशोरी बेहोश हो गई। घटना के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मारपीट के बाद आरोपियों ने अनीष और उसकी पुत्री सिदरा को जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गए।
बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज
शिकायत के आधार पर चरथावल थाने में अपराध संख्या 135/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 110, 3(5), 115(2), 352 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह को सौंपी गई।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की।
गांव में दबिश देकर दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त को दोपहर करीब एक बजे उपनिरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह ने पुलिस टीम के साथ गांव निरधना में दबिश दी। इस दौरान दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इंतजार पुत्र गय्यूर और हसीन पुत्र गय्यूर, दोनों निवासी ग्राम निरधना, थाना चरथावल के रूप में हुई है। दोनों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने मुकदमे में दर्ज धाराओं के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
तीसरे आरोपी की भूमिका की जांच
मामले में नामजद तीसरे आरोपी गय्यूर पुत्र शरीफ की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल सुशील कसाना और कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है और सभी आरोपियों की भूमिका तथा घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

