मुजफ्फरनगर। दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अब सामाजिक संगठनों का समर्थन भी खुलकर सामने आने लगा है। राष्ट्रीय गुर्जर महासभा ने छात्रों के पक्ष में आवाज उठाते हुए सरकार से उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। महासभा ने स्पष्ट किया कि छात्रों के न्यायपूर्ण अधिकारों की लड़ाई में वह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उनके साथ खड़ी रहेगी।

राष्ट्रीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी रविंदर सिंह गुर्जर ने मुजफ्फरनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि देश का युवा केवल अपने भविष्य का निर्माण नहीं करता, बल्कि राष्ट्र की दिशा और दशा भी तय करता है। ऐसे में यदि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थी अपनी समस्याओं और आशंकाओं को लेकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं तो उनकी आवाज को बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बातचीत ही हर विवाद का सबसे बेहतर और सम्मानजनक समाधान है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल अधिकांश छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी थे, जो परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे थे। यदि युवाओं को परीक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की आशंका है तो सरकार को चाहिए कि उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इससे युवाओं का व्यवस्था और शासन पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
चौधरी रविंदर सिंह गुर्जर ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को भी गंभीर विषय बताते हुए कहा कि बल प्रयोग की परिस्थितियों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग या अधिकारों के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले संबंधित पुलिसकर्मियों के चेहरे सार्वजनिक किए जाएं, ताकि पूरी कार्रवाई में पारदर्शिता बनी रहे और निष्पक्ष जांच पर लोगों का विश्वास कायम हो।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गुर्जर महासभा छात्रों के हितों और उनके न्यायपूर्ण अधिकारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। संगठन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से छात्रों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन या जनजागरण अभियान चलाना पड़ा तो महासभा उसमें भी सक्रिय सहयोग करेगी।
रविंदर सिंह गुर्जर ने यह भी कहा कि किसी भी जनआंदोलन की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपने मूल उद्देश्य से न भटके। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी आंदोलन में असामाजिक या देशविरोधी तत्वों को शामिल होने का अवसर न मिले। उन्होंने कहा कि छात्रों की लड़ाई शिक्षा, पारदर्शिता और न्याय की लड़ाई है, इसलिए इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार छात्रों की मांगों पर सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएगी तथा ऐसे ठोस कदम उठाएगी, जिससे परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़े, युवाओं का भरोसा मजबूत हो और भविष्य में इस प्रकार की परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास होता है और जब युवाओं को न्याय मिलता है तो पूरे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।
राष्ट्रीय गुर्जर महासभा ने दोहराया कि संगठन भविष्य में भी छात्रों के अधिकारों, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय से जुड़े हर मुद्दे पर उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर शांतिपूर्ण प्रयास का समर्थन करता रहेगा।

