जनकपुरी मकान विवाद: पीएम आवास योजना के दो मकानों पर प्रशासन की कार्रवाई, जांच जारी

जनकपुरी मकान विवाद: पीएम आवास योजना के दो मकानों पर प्रशासन की कार्रवाई, जांच जारी

मुजफ्फरनगर। शहर की जनकपुरी कॉलोनी में मकानों की खरीद-बिक्री को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद बुधवार को उस समय और गहरा गया, जब विभिन्न हिंदू संगठनों ने विवादित मकानों के बाहर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान दो मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित पाए जाने पर प्रशासन ने उन्हें खाली कराकर ताला लगा दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

बुधवार सुबह करीब 11 बजे हिंदू संघर्ष समिति, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, बजरंग दल और अखिल भारतीय हिंदू शक्ति के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जनकपुरी कॉलोनी की गली नंबर-3 में पहुंचे। स्थानीय लोगों के साथ उन्होंने सड़क पर बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया। धार्मिक आयोजन के दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण माहौल संवेदनशील बना रहा।

हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पवार ने आरोप लगाया कि हिंदू बहुल क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से मकानों की खरीद-बिक्री कर क्षेत्र की सामाजिक और जनसंख्या संरचना को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि जनकपुरी कॉलोनी में प्रत्येक मंगलवार शाम सात बजे संबंधित मकानों के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने “अब पलायन नहीं, संघर्ष होगा” का नारा भी दिया।

मामले की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए सभी पक्षों से बातचीत की। तहसील प्रशासन ने मौके पर संबंधित मकानों के दस्तावेजों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में दो मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित पाए गए। अधिकारियों के अनुसार इस योजना के अंतर्गत बने मकानों की खरीद-बिक्री पर कानूनी प्रतिबंध है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों मकानों को खाली कराया और उन पर ताला लगवा दिया।

तहसील प्रशासन ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। संबंधित मकानों के स्वामित्व, बैनामों और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। यदि जांच में अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

दूसरी ओर, मकान खरीदने वाले मोहम्मद अजीम ने प्रशासनिक कार्रवाई पर अपनी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि उन्होंने लगभग डेढ़ माह पहले विधिवत भुगतान कर मकान खरीदा था और विक्रेता ने उन्हें यह जानकारी नहीं दी थी कि मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के प्रशासन ने मकान खाली करा दिया, जिससे उनके परिवार के सामने रहने का संकट उत्पन्न हो गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि सूचना मिलते ही पर्याप्त पुलिस बल मौके पर भेज दिया गया था। पुलिस और प्रशासन ने सभी पक्षों से संवाद कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखा। उन्होंने कहा कि तहसीलदार द्वारा शिकायतों और दस्तावेजों की विधिसम्मत जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी लगातार जारी है।

प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले में जांच निष्पक्ष और कानून के दायरे में की जा रही है। अंतिम निर्णय दस्तावेजों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर लिया जाएगा।

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