मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन! मरियम निजामुद्दीन हॉस्पिटल सीज, लाइसेंस भी निरस्त-अनियमित ऑपरेशन की शिकायत पर जांच

मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन! मरियम निजामुद्दीन हॉस्पिटल सीज, लाइसेंस भी निरस्त-अनियमित ऑपरेशन की शिकायत पर जांच

मुजफ्फरनगर। मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्थाओं में मानकों की अनदेखी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए गोल चक्कर स्थित मरियम निजामुद्दीन हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल में कथित रूप से नियमों के विपरीत ऑपरेशन कराए जाने की शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं, पंजीकरण संबंधी दस्तावेजों और चिकित्सकों की उपलब्धता समेत कई बिंदुओं की पड़ताल की गई। विभागीय जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर उसे सीज कर दिया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। शिकायत में अस्पताल के भीतर कथित रूप से निर्धारित नियमों और मानकों के विपरीत ऑपरेशन कराए जाने की बात सामने आई थी। स्वास्थ्य विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच शुरू की और चिकित्सा सेवाओं से संबंधित दस्तावेजों को खंगाला।

जांच के दौरान टीम ने अस्पताल के पंजीकरण, चिकित्सकों की उपलब्धता, उपचार व्यवस्था और अन्य जरूरी अभिलेखों की पड़ताल की। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच में कई गंभीर कमियां सामने आईं। इनमें अस्पताल में पंजीकृत चिकित्सक का मौके पर मौजूद नहीं मिलना भी शामिल बताया गया है। विभाग ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की।

स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आई कमियों को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया। इसके बाद मरियम निजामुद्दीन हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया और अस्पताल को सीज कर दिया गया। कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को मरीजों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं के संचालन के दौरान निर्धारित मानकों और नियमों का पालन जरूरी है। मरीजों के उपचार और विशेष रूप से ऑपरेशन जैसी गंभीर चिकित्सा प्रक्रिया में योग्य एवं पंजीकृत चिकित्सक की उपलब्धता तथा आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित होना जरूरी है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसी अस्पताल में यदि पंजीकरण से संबंधित खामी, चिकित्सकों की अनुपलब्धता या उपचार व्यवस्था में गंभीर लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की जान और स्वास्थ्य के साथ किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मरियम निजामुद्दीन हॉस्पिटल के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद अब जिले के अन्य निजी अस्पताल और नर्सिंग होम भी स्वास्थ्य विभाग के रडार पर आ गए हैं। विशेष रूप से ऐसे अस्पतालों की जांच की संभावना बढ़ गई है, जिनके संचालन, पंजीकरण, चिकित्सकों की उपलब्धता या उपचार व्यवस्था को लेकर पहले से शिकायतें सामने आती रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों को भी स्पष्ट संदेश गया है कि केवल अस्पताल का संचालन करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि चिकित्सा सेवाओं के लिए निर्धारित सभी नियमों और मानकों का पालन करना अनिवार्य है। पंजीकृत चिकित्सकों की उपलब्धता, वैध दस्तावेज, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और प्रशिक्षित स्टाफ जैसी व्यवस्थाओं को लेकर विभाग अब अधिक सख्ती बरतने की तैयारी में है।

ऑपरेशन से जुड़ी शिकायत बनी कार्रवाई की वजह

पूरे मामले में अस्पताल में कथित रूप से अनियमित तरीके से ऑपरेशन कराए जाने की शिकायत को कार्रवाई की मुख्य वजह बताया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की और अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच में सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने और उसे सीज करने का निर्णय लिया।

पंजीकृत चिकित्सक के नहीं मिलने पर भी सवाल

जांच के दौरान अस्पताल में पंजीकृत चिकित्सक के मौके पर मौजूद नहीं मिलने की बात सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लिया। चिकित्सा संस्थान में उपचार व्यवस्था के दौरान योग्य चिकित्सकों की उपलब्धता को महत्वपूर्ण मानते हुए विभाग ने इस बिंदु को भी कार्रवाई के आधारों में शामिल किया।

अन्य अस्पतालों की भी बढ़ सकती है जांच

मरियम निजामुद्दीन हॉस्पिटल पर हुई कार्रवाई के बाद अब जिले के अन्य निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में भी जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे संस्थानों की व्यवस्थाओं और दस्तावेजों की जांच कर सकता है, जिनके खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं। अधिकारियों की सख्ती से साफ है कि मानकों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों पर आगे भी कार्रवाई का सिलसिला जारी रह सकता है।

फिलहाल मरियम निजामुद्दीन हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर उसे सीज कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई है। इस कार्रवाई के बाद जिले के निजी अस्पताल संचालकों में भी नियमों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *