मुजफ्फरनगर। छपार थाना क्षेत्र के बरला गांव में दुकान के गेट के सामने ई रिक्शा खड़ा करने का विरोध करना एक दुकानदार को भारी पड़ गया। रास्ता बंद होने पर ई रिक्शा हटाने की बात कहने से नाराज दो सगे भाइयों ने दुकानदार के साथ पहले गाली गलौज और मारपीट की और इसके बाद ई रिक्शा से पेचकस निकालकर उस पर हमला कर दिया। पेचकस का वार सिर और आंख के पास लगने से दुकानदार गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच बचाव कर किसी तरह दुकानदार की जान बचाई। घटना के बाद आरोपी दोनों भाई जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

बरला गांव की पट्टी भूत निवासी विकास कुमार पुत्र बीरेन्द्र शर्मा अपनी दुकान चलाते हैं। विकास कुमार के मुताबिक 29 अगस्त 2026 की सुबह करीब दस बजे वह अपनी दुकान पर बैठे हुए थे। इसी दौरान गांव के ही रहने वाले सलमान पुत्र अल्ताफ और उसका भाई रिजवान पुत्र अल्ताफ ई रिक्शा लेकर वहां पहुंचे। दोनों ने अपना ई रिक्शा दुकान के मुख्य गेट के ठीक सामने खड़ा कर दिया।

ई रिक्शा खड़ा होने से दुकान का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। ग्राहकों और खुद दुकान के अंदर बाहर आने जाने में परेशानी होने पर विकास कुमार ने दोनों भाइयों से ई रिक्शा हटाने के लिए कहा। आरोप है कि इसी बात को लेकर सलमान और रिजवान भड़क गए और उन्होंने विकास कुमार के साथ गाली गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों भाइयों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
विवाद के दौरान मामला अचानक गंभीर हो गया। आरोप है कि सलमान ई रिक्शा के पास गया और उसमें रखा पेचकस निकाल लाया। इसके बाद उसने विकास कुमार को निशाना बनाकर पेचकस से हमला कर दिया। पेचकस का वार विकास कुमार के सिर की बाईं तरफ और आंख के पास लगा। चोट लगते ही वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।
दुकान पर मारपीट और चीख पुकार की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। सोनू त्यागी पुत्र महेंद्र त्यागी, मयंक पुत्र सुनील त्यागी, जयकुमार पुत्र गोपीचंद त्यागी, अनिल त्यागी पुत्र ऋषिपाल त्यागी और गौरव पुत्र डॉ. सुशील त्यागी समेत अन्य लोगों ने मौके पर पहुंचकर बीच बचाव किया। ग्रामीणों के पहुंचने के बाद दोनों आरोपी पीछे हटे और स्थिति को संभाला जा सका।
घायल विकास कुमार की हालत देखकर ग्रामीणों ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। सिर और आंख के पास गंभीर चोट लगने के कारण उसका इलाज कराया गया। पीड़ित का आरोप है कि हमला करने के बाद सलमान और रिजवान ने उसे जान से मारने की धमकी दी और भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद घायल दुकानदार की हालत ऐसी थी कि वह तत्काल थाने पहुंचकर शिकायत नहीं कर सका। पीड़ित के मुताबिक उपचार और शारीरिक परेशानी के कारण वह कई दिनों तक इलाज में व्यस्त रहा। हालत में कुछ सुधार होने के बाद उसने 8 सितंबर 2026 को छपार थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी।
शिकायत मिलने के बाद थाना प्रभारी के निर्देश पर छपार थाना पुलिस ने सलमान और रिजवान के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटनास्थल पर मौजूद बताए जा रहे चश्मदीद ग्रामीणों के बयान लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही घायल दुकानदार के मेडिकल दस्तावेजों और चोटों की रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ और हमले के दौरान दोनों आरोपियों की भूमिका क्या रही। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बरला गांव में दुकान के रास्ते को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद जिस तरह पेचकस से हमले तक पहुंच गया, उसने इलाके के लोगों को भी हैरान कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामूली कहासुनी में इस तरह हिंसक हमला गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश और मामले की जांच में जुटी हुई है।

