मुजफ्फरनगर। जिले में शनिवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सिविल लाइन थाना क्षेत्र की स्टेडियम चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक अरुण चाहर की मौत हो गई। वह सरकारी कार्य से जानसठ थाना क्षेत्र में गए थे और काम पूरा करने के बाद अपनी तैनाती वाले क्षेत्र में वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए उपनिरीक्षक को स्थानीय पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना की जांच के निर्देश दिए हैं।

सरकारी कार्य पूरा कर लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, शनिवार 24 अक्टूबर को उपनिरीक्षक अरुण चाहर सरकारी कार्य के सिलसिले में जानसठ थाना क्षेत्र गए थे। कार्य पूरा करने के बाद वह कार से सिविल लाइन थाना क्षेत्र की ओर लौट रहे थे। रास्ते में अचानक उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि उपनिरीक्षक अरुण चाहर को गंभीर चोटें आईं।

दुर्घटना की सूचना मिलने पर जानसठ थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने घायल उपनिरीक्षक को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जानसठ पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
सीएचसी जानसठ में उपचार के दौरान निधन
पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात जानसठ थाना क्षेत्र में कार दुर्घटना में एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में घायल की पहचान सिविल लाइन थाना क्षेत्र की स्टेडियम चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक अरुण चाहर के रूप में हुई। चिकित्सकों ने उनका उपचार किया, लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की सूचना संबंधित पुलिस अधिकारियों और परिजनों को दी गई।
एसपी सिटी अमृत जैन और एसपी देहात अक्षय महाडीक ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
उपनिरीक्षक अरुण चाहर की मौत की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए। पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से जुड़ी परिस्थितियों का जायजा लिया।
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान फील्ड यूनिट की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों को हादसे के कारणों का पता लगाने और जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
उपनिरीक्षक अरुण चाहर की मौत के बाद पुलिस के सामने दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने की चुनौती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार किन परिस्थितियों में दुर्घटनाग्रस्त हुई। पुलिस घटनास्थल से मिले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
हादसे की परिस्थितियों की पड़ताल के लिए विशेष जांच टीम गठित किए जाने की जानकारी दी गई है। टीम दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य संबंधित तथ्यों का विश्लेषण करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, परिजनों को दी गई सूचना
उपनिरीक्षक अरुण चाहर के निधन के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस परिवार में शोक, दिवंगत उपनिरीक्षक को दी श्रद्धांजलि
अरुण चाहर की असामयिक मौत की खबर से मुजफ्फरनगर पुलिस विभाग में शोक व्याप्त है। स्टेडियम चौकी पर उनके साथ कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों और अन्य सहकर्मियों में घटना को लेकर गहरा दुख है। सरकारी कार्य पूरा कर वापस लौट रहे एक पुलिस अधिकारी की सड़क दुर्घटना में मौत ने पुलिस विभाग को झकझोर दिया है।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने दिवंगत उपनिरीक्षक के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
सरकारी ड्यूटी के सिलसिले में जानसठ गए उपनिरीक्षक अरुण चाहर अपने कार्यक्षेत्र में वापस नहीं लौट सके। उनके निधन से पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण और विशेष जांच टीम की कार्रवाई के बाद अब दुर्घटना के कारणों का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

