मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना तहसील क्षेत्र के सठेड़ी गांव के जंगल में गुलदार दिखाई देने की सूचना से ग्रामीणों और किसानों में दहशत का माहौल बन गया है। शाम करीब सात बजे खेतों के आसपास गुलदार नजर आने की खबर मिलने के बाद गांव में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के खेतों तथा जंगल से सटे इलाकों में कई घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान खेतों में जंगली जानवर के पैरों के निशान मिलने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई। हालांकि, तलाशी अभियान के दौरान गुलदार दिखाई देने की पुष्टि नहीं हो सकी। एहतियात के तौर पर वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और खेतों में अकेले नहीं जाने की सलाह दी है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम
सठेड़ी गांव के जंगल में गुलदार दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। टीम ने खेतों के आसपास और जंगल से सटे संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की। कई घंटे तक चले अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर जांच की गई।

तलाशी के दौरान खेतों में पैरों के निशान मिलने की बात सामने आई। इसके बाद टीम ने आसपास के क्षेत्र में और गहनता से जांच की। हालांकि, अभियान के दौरान गुलदार नजर नहीं आया और उसकी मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बावजूद वन विभाग ने किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए ग्रामीणों को सावधानी बरतने की हिदायत दी है।
पैरों के निशान मिलने से बढ़ी किसानों की चिंता
सठेड़ी गांव के आसपास बड़ी संख्या में किसान खेतीबाड़ी के काम से खेतों में आते-जाते हैं। ऐसे में जंगल के आसपास गुलदार दिखाई देने की सूचना ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जंगली जानवर खेतों या आबादी के नजदीक मौजूद हुआ, तो खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
खेतों में मिले पैरों के निशानों को लेकर भी ग्रामीण सतर्क हैं। वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्रों की जांच की और लोगों को बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की सलाह दी। फिलहाल गुलदार की मौजूदगी की पुष्टि नहीं होने के कारण ग्रामीणों से सतर्कता बनाए रखने को कहा गया है।
गांव में मुनादी कराकर लोगों को किया गया जागरूक
घटना के बाद गांव में विशेष मुनादी कराकर ग्रामीणों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया गया। वन विभाग की ओर से लोगों को बताया गया कि वे खेतों में जाते समय सतर्क रहें और अनावश्यक रूप से जंगल या झाड़ियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
किसानों को सलाह दी गई है कि जरूरत पड़ने पर समूह में खेतों पर जाएं और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें। ग्रामीणों से यह भी कहा गया है कि यदि किसी स्थान पर गुलदार दिखाई दे, तो उसके पास जाने या उसे पकड़ने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल पुलिस या वन विभाग को सूचना दें।
अकेले खेतों में जाने से बचें किसान
वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए खेतों में जाते समय विशेष सावधानी बरतें। अकेले खेतों में जाने से बचें और संभव हो तो समूह में ही जाएं। खेतों में काम करते समय आसपास के वातावरण पर ध्यान रखें तथा झाड़ियों और जंगल से सटे इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
यदि गुलदार दिखाई देता है, तो उसके नजदीक जाने, उसे घेरने, पीछा करने या पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए। सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए वन विभाग अथवा पुलिस को सूचना देना उचित होगा। ग्रामीणों को भीड़ इकट्ठा करने और जानवर को उकसाने वाली गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
गुलदार दिखाई देने की सूचना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसे देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और बिना पुष्टि के संदेशों को आगे न फैलाएं।
विभाग ने कहा है कि गुलदार की मौजूदगी से संबंधित कोई भी ठोस जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। वन्यजीवों के मामले में सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि उनके करीब जाने या उन्हें घेरने की कोशिश से जान-माल का खतरा बढ़ सकता है।
वन विभाग की निगरानी पर टिकी ग्रामीणों की नजर
सठेड़ी गांव के जंगल में गुलदार दिखाई देने की सूचना के बाद से ग्रामीणों में सतर्कता बनी हुई है। वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन गुलदार की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी। खेतों में मिले पैरों के निशानों के मद्देनजर ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
फिलहाल किसानों और ग्रामीणों से अकेले खेतों में नहीं जाने, अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग या पुलिस को देने की अपील की गई है। ग्रामीणों की नजर अब वन विभाग की आगे की निगरानी और जांच पर टिकी हुई है।

