खतौली (मुजफ्फरनगर)। जनपद के खतौली थाना क्षेत्र में एक गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने तथा जहरीला पदार्थ देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

मेरठ जनपद के दौराला थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दबतापुर निवासी नरेश ने खतौली थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री शालू का विवाह 25 नवंबर 2024 को खतौली निवासी अंकुर पुत्र सुरेश के साथ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाह में अपनी सामर्थ्य के अनुसार लगभग 16 लाख रुपये नकद, जेवरात तथा घरेलू सामान दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति अंकुर, सास, जेठ, जेठ के बेटे तथा परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा शालू को कम दहेज लाने का ताना देकर प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता के पिता का कहना है कि उन्होंने कई बार बेटी का घर बचाने के उद्देश्य से ससुराल पक्ष को समझाने का प्रयास किया और पंचायत भी कराई, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
परिजनों के अनुसार 26 जून को शालू ने अपने मायके फोन कर रोते हुए बताया कि उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे जबरन कोई जहरीला पदार्थ खिला दिया है। सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग तत्काल खतौली पहुंचे और गंभीर हालत में शालू को अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान 27 जून को उसकी मौत हो गई।
मृतका के पिता का कहना है कि उनकी बेटी गर्भवती थी और इस घटना में उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला मृतका के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और साक्ष्य सामने आने के बाद ही मौत के कारणों तथा आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

