मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना क्षेत्र स्थित अंबा शक्ति स्टील फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। फैक्ट्री में ड्यूटी के दौरान बिजली का कार्य करते समय एक इलेक्ट्रिशियन हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही गंभीर हालत हो गई। सहकर्मी उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में शोक का माहौल छा गया, जबकि मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव निर्माणी निवासी हरिओम कश्यप पुत्र अमरनाथ अंबा शक्ति स्टील फैक्ट्री में इलेक्ट्रिशियन के पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार को वह रोज की तरह अपनी ड्यूटी निभाते हुए विद्युत संबंधी कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक वह हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह गंभीर रूप से झुलस गए।

हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री के फोरमैन और अन्य कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए हरिओम कश्यप को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सूचना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही मंसूरपुर थाना पुलिस जिला अस्पताल और फैक्ट्री परिसर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस दुखद घटना के बाद अंबा शक्ति स्टील फैक्ट्री प्रबंधन ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए मृतक हरिओम कश्यप के आश्रित परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। फैक्ट्री प्रबंधन के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए तत्काल राहत के रूप में देखा जा रहा है।
हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों, श्रमिकों और श्रमिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि फैक्ट्रियों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और विद्युत कार्यों के दौरान सभी सुरक्षा उपकरणों तथा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
श्रमिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि जनपद की सभी बड़ी औद्योगिक इकाइयों में विशेष अभियान चलाकर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, मशीनों की तकनीकी स्थिति और श्रमिकों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का निरीक्षण कराया जाए। साथ ही जहां भी लापरवाही सामने आए, वहां संबंधित प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

