
बहसूमा। क्षेत्र के गांव सैफपुर फिरोजपुर रामराज में चकबंदी का कार्य तेजी से चल रहा है। जिसमें तहसील मवाना के द्वारा चकबंदी विभाग की टीम चकबंदी का कार्य कर रही है। उसी के चलते गांव सैफपुर फिरोजपुर रामराज से बुधवार को सभी किसान एकत्रित होकर ग्राम प्रधान पति जितेंद्र के साथ जिला अधिकारी ऑफिस पहुंचे। और एकदिवसीय धरना देकर चकबंदी विभाग टीम के प्रति आक्रोश जताते हुए जिलाधिकारी मेरठ को ज्ञापन सौंपा । किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग अधिकारी बड़े किसानों से घूस लेकर गरीब किसानों का शोषण कर रही है। और गरीब किसानों की उपजाऊ जमीन सड़क के किनारे से हटाकर झील व बूढ़ी गंगा के पानी में दे दी है। जिससे किसानों मैं आक्रोश व्याप्त है। वही ग्राम प्रधान पति जितेंद्र कुमार का कहना है कि जो लोग चकबंदी समिति में है उन्हें बिना कोई मीटिंग किए चकबंदी विभाग अधिकारियों ने चकबंदी का कार्य शुरू किया हुआ है और जो गरीब किसान हैं उन्हें जमीन पानी में या झील में दी जा रही है और जो अमीर किसान है उनकी जमीन पानी में या झील में है वहां से हटाकर उनसे घूस लेकर चकबंदी विभाग अधिकारी उन्हें काली सड़क पर जमीन दे रहे हैं। वही चकबंदी समिति सदस्य शमीम अहमद ने बताया कि चकबंदी विभाग अधिकारी भ्रष्टाचार कर बड़े किसानों से घूस लेकर उनको पानी व झील की जमीन बदल कर सड़क के किनारे उपजाऊ जमीन दी जा रही है और गरीब किसानों से उनकी उपजाऊ जमीन छीनकर पानी में झील में दी जा रही है किसानों के विरोध करने पर पुलिस बुलाने की धौंस दी जा रही है। और उनसे उनकी जमीन उपजाऊ देने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है। चकबंदी विभाग समिति से कोई सलाह नहीं ली जा रही है। जिससे किसान आक्रोशित हैं । रामराज से सभी किसान बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय जाकर एक दिवसीय धरना देकर चकबंदी अधिकारीयों के खिलाफ जिलाधिकारी मेरठ को ज्ञापन सौंपा। वहीं जिलाधिकारी मेरठ ने आश्वासन दिया कि 15 दिनों के अंदर टीम गठित कर जांच की जाएगी दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी।


