नवदुर्गाओं में मां सिद्धिदात्री अंतिम हैं। दुर्गा पूजा के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की उपासना में की जाती है। इन सिद्धिदात्री मां की उपासना पूर्ण कर लेने के बाद भक्तों और साधकों की लौकिक, पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति हो जाती है। सिद्धिदात्री मां के कृपापात्र भक्त के भीतर कोई ऐसी कामना शेष बचती ही नहीं है, जिसे वह पूर्ण करना चाहे। मान्यता है कि विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ माता की उपासना करने से उपासक को सभी प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती हैं। मां दुर्गा की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। नवरात्र के नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री का आह्वान, ध्यान और उपासना की जाती है। आप भी इस दिन नवमी की शुभकामनाए दें।

सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया,
उसी धुएं ने रूप काली बनाया,
बना धर्म सिंह जो सवारी में आया,
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया,
तभी मां ने महागौरी नाम पाया,

राह में भटके,
काम कोई जब तेरा अटके,
हर दुःख का यही उपाय,
तू ले मईया का नाम,
तेरे पूर्ण होंगे काम।।
हैप्पी नवरात्रि
तेरी कृपा से मैया,
हर काम हो गया,
काम तूने किया,
मेरा नाम हो गया
नवरात्रि की शुभकामनाएं
हैप्पी नवरात्रि