सरकार ने विकलांगों को सम्मान देने के लिए दिव्यांग कहना भले शुरू कर दिया गया है, लेकिन इससे उनकी समस्याओं में कोई कमी नहीं आई है। बागपत में दिव्यांगों को घर से बाहर निकलते ही हर कदम पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्क, मार्केट, डिस्पेंसरी, सरकारी दफ्तर समेत अधिकतर सार्वजनिक जगहों पर दिव्यांगों के लिए जरूरी सुविधाओं का अभाव है। समाजसेवी हाफिज तमीम अख्तर ने बताया की बागपत कोर्ट में गए लेकिन वहां देखकर हैरान रह गए कि कोर्ट रूम के अंदर जाने के लिए भी सीढ़ियां तो थीं पर रैंप नही बने थे जिसके कारण कोर्ट में आए दिव्यांग व बीमारी को मुश्किल का सामना करना पड़ता है। कहा कि दिव्यांगों को आ रही समस्याओं को लेकर वह कुछ दिन पहले बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से की से भी मिले थे। कहा कि कोर्ट की इमारत के अंदर जाने में हमेशा दिव्यांगो को मुश्किल आती है और हमेशा ही आम लोगों की मदद से दिव्यांग कोर्ट तक पहुंच पाते है। बताया दिव्यांग व अन्य बीमार व्यक्ति व सीनियर सिटीजन न्यायालय के आदेश पर जब न्यायालय मैं उपस्थित होते हैं तो कई बार उनको ऊपरी मंजिल पर गोद में उठाकर तथा कंधे पर बिठाकर दूसरा व्यक्ति पडियो के जीने से लेकर ऊपर चढ़ता है जिसमें दोनों की जान को खतरा बना रहता है तथा दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है इस विषय में पूर्व माननीय जिला जज महोदय को लिखित वह पूर्व बार अध्यक्ष वह वर्तमान बार अध्यक्ष को मौखिक इस बात की शिकायत करते हुए रैम वाला जीना तथा व्हीलचेयर के इंतजाम के लिए अनुरोध कर चुका हूं। परंतु समस्या का कोई भी समाधान नहीं हो सका है।

