मीरापुर, मुजफ्फरनगर। गंगा बैराज के गेट नंबर 28 पर सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पारिवारिक विवाद से परेशान एक युवक गंगा नदी में छलांग लगाकर अपनी जान देने के इरादे से पहुंच गया। युवक को बैराज पर संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ा देखकर वहां मौजूद लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रामराज थाना क्षेत्र की बैराज चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और युवक को नदी में छलांग लगाने से पहले ही सुरक्षित पकड़ लिया। पुलिस की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और युवक की जान बच गई।

पुलिस ने युवक को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उससे बातचीत की और उसकी परेशानी जानने का प्रयास किया। पूछताछ के दौरान युवक ने अपनी पहचान शिवम पुत्र भोपाल उपाध्याय निवासी बिजली घर, रामराज, थाना बहसूमा, जनपद मेरठ के रूप में बताई। युवक ने पुलिस को बताया कि वह घर में चल रहे पारिवारिक क्लेश और विवाद के कारण काफी परेशान था। इसी तनाव में वह गंगा बैराज पहुंचा था। पुलिस ने उसे समझाने के बाद परिजनों से संपर्क किया और सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया।

गेट नंबर 28 पर युवक की गतिविधियां देखकर लोगों को हुआ शक
घटना सोमवार सुबह की है। गंगा बैराज पर गेट नंबर 28 के पास एक युवक काफी देर से खड़ा होकर नदी की ओर देख रहा था। उसकी गतिविधियां देखकर वहां से गुजर रहे लोगों को आशंका हुई कि वह किसी गंभीर कदम की तैयारी कर रहा है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लोगों ने बिना देर किए रामराज थाना पुलिस को सूचना दी।
सूचना देने वालों ने पुलिस को बताया कि युवक लगातार नदी की ओर देख रहा है और उसके नदी में छलांग लगाने की आशंका है। सूचना मिलते ही बैराज चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी सक्रिय हो गए। पुलिस टीम ने तत्काल घटनास्थल की ओर रुख किया, ताकि युवक को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचने से पहले सुरक्षित बचाया जा सके।
चार पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाकर बचाई जान
सूचना मिलने के बाद रामराज थाना पुलिस की बैराज चौकी पर तैनात चार पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे। इनमें उपनिरीक्षक जागेंद्र सिंह ढिल्लों, मुख्य आरक्षी राजकुमार, मुख्य आरक्षी गौरव और मुख्य आरक्षी विक्रम कुमार शामिल थे।
पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और युवक को सुरक्षित रोकने का प्रयास किया। युवक के नदी में छलांग लगाने की कोशिश करने से पहले ही पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
पुलिसकर्मियों की समय पर पहुंच और त्वरित कार्रवाई के कारण संभावित हादसा टल गया। यदि मौके पर समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता, तो युवक की जान खतरे में पड़ सकती थी। इस कार्रवाई में पुलिस टीम की सतर्कता और सूझबूझ महत्वपूर्ण साबित हुई।
पारिवारिक क्लेश से परेशान था शिवम
युवक को सुरक्षित बचाने के बाद पुलिसकर्मियों ने उससे बातचीत की और उसकी परेशानी का कारण जानने का प्रयास किया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम शिवम पुत्र भोपाल उपाध्याय बताया। वह मेरठ जनपद के थाना बहसूमा क्षेत्र के अंतर्गत बिजली घर, रामराज का निवासी है।
पुलिस के अनुसार, शिवम ने बताया कि वह घर में चल रहे पारिवारिक विवाद और आपसी क्लेश से परेशान था। इसी परेशानी के चलते वह मानसिक तनाव में आ गया था और गंगा बैराज पहुंच गया।
हालांकि, पारिवारिक विवाद के कारणों और उसकी परिस्थितियों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने युवक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसके साथ संवेदनशीलता से बातचीत की और उसे समझाने का प्रयास किया।
पुलिस ने समझाकर परिजनों को सौंपा
युवक की जान बचाने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे अकेला छोड़ने के बजाय अपने पास बैठाया और काफी देर तक समझाया। उसे बताया गया कि पारिवारिक समस्याओं का समाधान बातचीत और आपसी समझ से निकाला जा सकता है। किसी भी परेशानी में जल्दबाजी में उठाया गया कदम स्वयं के साथ-साथ परिवार को भी गहरे दुख में डाल सकता है।
पुलिस ने इसके बाद युवक के परिजनों से संपर्क स्थापित किया और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। परिजनों के पहुंचने पर शिवम को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। बेटे के सुरक्षित मिलने से परिजनों ने राहत महसूस की।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी में भी इस कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। इसमें उपनिरीक्षक जागेंद्र सिंह ढिल्लों, मुख्य आरक्षी राजकुमार, मुख्य आरक्षी गौरव और मुख्य आरक्षी विक्रम कुमार की भूमिका बताई गई है।
पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना
गंगा बैराज पर हुई इस घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित हादसे को टाल दिया। समय रहते सूचना देने वाले लोगों और मौके पर पहुंचकर युवक को सुरक्षित बचाने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि पारिवारिक विवाद और व्यक्तिगत परेशानियों के दौरान किसी व्यक्ति को भावनात्मक सहयोग और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे समय में आसपास के लोगों की सतर्कता और पुलिस की संवेदनशील पहल किसी की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
रामराज पुलिस की इस कार्रवाई से युवक सुरक्षित अपने परिवार के पास पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल सहायता देने के साथ उसे समझाकर सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया।

