मुजफ्फरनगर। सरकारी परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की हकीकत परखने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने सदर ब्लॉक क्षेत्र के पांच परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। बीएसए के अचानक स्कूलों में पहुंचने से शिक्षकों और कर्मचारियों में हलचल मच गई।

निरीक्षण के दौरान बीएसए ने शिक्षकों की उपस्थिति, हाजिरी रजिस्टर, छात्र संख्या, शिक्षण व्यवस्था, स्कूल भवन, साफ सफाई, पेयजल, शौचालय और मिड-डे मील समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ज्यादातर विद्यालयों में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, लेकिन प्राथमिक विद्यालय चांदपुर-2 में सरकारी टैबलेट का इस्तेमाल नहीं किए जाने की लापरवाही सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।

मखियाली में 478 में से 345 बच्चे मिले मौजूद
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने सबसे पहले उच्च प्राथमिक विद्यालय मखियाली का निरीक्षण किया। यहां हाजिरी रजिस्टर की जांच के दौरान कई शिक्षक अलग-अलग प्रकार के अवकाश पर पाए गए। सहायक अध्यापिका सीमा गर्ग, किरण सिंह और पूजा गाबा आकस्मिक अवकाश पर थीं। सहायक अध्यापिका जागृति बच्चों की देखरेख संबंधी अवकाश पर थीं, जबकि शिक्षामित्र मीनाक्षी बिना वेतन अवकाश पर मिलीं। बाकी स्टाफ विद्यालय में मौजूद मिला।
विद्यालय में कुल 478 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। निरीक्षण के समय 345 बच्चे स्कूल में उपस्थित मिले। बीएसए ने बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। लड़के और लड़कियों के लिए अलग अलग शौचालय चालू हालत में मिले। पेयजल के लिए हैंडपंप और सबमर्सिबल भी काम करते हुए मिले।
ज्यादातर बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म में स्कूल पहुंचे थे। विद्यालय में मिड-डे मील का भोजन भी निर्धारित मेन्यू के अनुसार बनता हुआ मिला। बीएसए ने स्कूल की साफ सफाई और शिक्षण व्यवस्था पर संतोष जताया।
चांदपुर-2 में सरकारी टैबलेट का इस्तेमाल नहीं होने पर कार्रवाई
इसके बाद बीएसए प्राथमिक विद्यालय चांदपुर-2 पहुंचे। यहां हाजिरी रजिस्टर की जांच में सहायक अध्यापिका संगीता त्यागी आकस्मिक अवकाश पर मिलीं, जबकि बाकी स्टाफ उपस्थित था।
इस विद्यालय में कुल 55 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान केवल 25 छात्र छात्राएं ही मौजूद मिले। विद्यालय की इमारत और पढ़ाई की स्थिति सामान्य मिली। हालांकि कक्षाओं में निपुण लक्ष्य और तालिका प्रदर्शित नहीं होने पर बीएसए ने उन्हें तत्काल लगाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर लापरवाही सरकारी टैबलेट को लेकर सामने आई। स्कूल को उपलब्ध कराए गए टैबलेट का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। इस टैबलेट के जरिए बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के साथ ही विभाग से संबंधित 13 रजिस्टरों की सूचनाएं ऑनलाइन भेजी जानी थीं।
सरकारी संसाधन का इस्तेमाल नहीं किए जाने पर बीएसए ने नाराजगी जताई और संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि विद्यालय में मिड-डे मील निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बनता मिला। पेयजल के लिए हैंडपंप और सबमर्सिबल तथा शौचालय भी चालू हालत में पाए गए।
चांदपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में पूरा स्टाफ मिला मौजूद
निरीक्षण के अगले चरण में बीएसए उच्च प्राथमिक विद्यालय चांदपुर पहुंचे। यहां हाजिरी रजिस्टर की जांच में विद्यालय का पूरा स्टाफ उपस्थित मिला। स्कूल में कुल 103 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें से निरीक्षण के समय 73 बच्चे मौजूद पाए गए।
बीएसए ने विद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था और रखरखाव का जायजा लिया। दोनों व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। उन्होंने इंचार्ज अध्यापक को सभी कक्षाओं में निपुण लक्ष्य और तालिका प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन और शौचालयों की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा।
विद्यालय में अधिकांश बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म में मिले। मिड-डे मील के लिए उपलब्ध अनाज और कन्वर्जन कास्ट की धनराशि भी नियमानुसार पाई गई। पेयजल और शौचालय की व्यवस्थाएं भी ठीक मिलीं।
रक्षाबंधन के चलते हरीनगर और रुस्तमगढ़ में कम रही छात्र उपस्थिति
बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय हरीनगर का भी निरीक्षण किया। यहां सहायक अध्यापिका शिप्रा भारती मेडिकल अवकाश पर मिलीं, जबकि अन्य शिक्षक विद्यालय में उपस्थित थे।
हरीनगर विद्यालय में कुल 106 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन निरीक्षण के समय 46 छात्र छात्राएं ही उपस्थित मिले। छात्र उपस्थिति कम होने का कारण प्रधानाध्यापिका ने रक्षाबंधन का त्योहार बताया। उनके अनुसार कई बच्चे त्योहार के चलते अपने परिवार के साथ बाहर गए हुए थे।
बीएसए ने विद्यालय में पेयजल, शौचालय, यूनिफॉर्म और मिड-डे मील समेत अन्य व्यवस्थाओं को देखा। सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं।
इसके बाद बीएसए प्राथमिक विद्यालय रुस्तमगढ़, मजरा कुकड़ा पहुंचे। यहां सहायक अध्यापिका रूपाली आकस्मिक अवकाश पर थीं, जबकि सहायक अध्यापिका प्रीति मेडिकल अवकाश पर मिलीं। बाकी स्टाफ विद्यालय में उपस्थित था।
विद्यालय में कुल 152 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान 55 छात्र छात्राएं मौजूद मिले। यहां भी कम उपस्थिति का कारण रक्षाबंधन के चलते बच्चों का परिवार के साथ बाहर जाना बताया गया।
रुस्तमगढ़ विद्यालय में शौचालय, सबमर्सिबल, हैंडपंप और मिड-डे मील की व्यवस्था सही पाई गई। बीएसए ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ ही शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की बुनियादी सुविधाओं पर लगातार ध्यान देने के निर्देश दिए।
टैबलेट के इस्तेमाल पर विभाग की सख्ती
पांच विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्कूलों में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने के बावजूद प्राथमिक विद्यालय चांदपुर-2 में सरकारी टैबलेट का इस्तेमाल न किया जाना विभाग के लिए गंभीर मामला बना। बीएसए ने स्पष्ट किया कि शासन की ओर से उपलब्ध कराए गए डिजिटल संसाधनों का नियमित और निर्धारित कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाना जरूरी है।
औचक निरीक्षण के जरिए विभाग ने यह भी संदेश दिया है कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की पढ़ाई और सरकारी योजनाओं के संचालन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चांदपुर-2 के प्रधानाध्यापक के खिलाफ शुरू की गई विभागीय कार्रवाई इसी सख्ती का संकेत मानी जा रही है।

