मीरापुर, मुजफ्फरनगर। मीरापुर थाना पुलिस ने मोबाइल टावर से एसएपीपी चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की संपत्ति से संबंधित 10 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की सफेद रंग की ब्रेजा कार भी पुलिस ने बरामद कर सीज कर दी है।

पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में मोबाइल टावर से चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपियों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान शनिवार को मीरापुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मोबाइल टावर चोरी की घटना में शामिल आरोपी एक कार में सवार होकर किसी अन्य वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कुतुबपुर झाल के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस ने एक कार को रोककर उसमें सवार दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान दोनों की पहचान मोबाइल टावर चोरी के मामले में वांछित आरोपियों के रूप में हुई।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान शुभम पुत्र जीवन लाल निवासी ग्राम नाईपुरा, थाना जानसठ, जनपद मुजफ्फरनगर और हरेन्द्र पुत्र अमर सिंह निवासी ग्राम कोडल, थाना बहीन, जनपद पलवल, हरियाणा के रूप में हुई है।
20 जून को मोबाइल टावर से चोरी हुई थी एसएपीपी
पुलिस के मुताबिक, गत 20 जून को मीरापुर कस्बे में स्थित एक मोबाइल टावर से एसएपीपी चोरी होने की घटना सामने आई थी। इस संबंध में पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर थाना मीरापुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से ही पुलिस टीम आरोपियों की तलाश और मामले के खुलासे में जुटी हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। शनिवार को मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने कुतुबपुर झाल के समीप घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों के पास से पांच पांच हजार रुपये बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी ली तो दोनों के कब्जे से पांच पांच हजार रुपये बरामद हुए। इस तरह कुल 10 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि बरामद रकम चोरी की संपत्ति से संबंधित है।
इसके साथ ही आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की ब्रेजा कार भी बरामद हुई। कार पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। पुलिस ने वाहन को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया है और इसे मामले में साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया गया है।
अन्य साथियों और आपराधिक इतिहास की जांच
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि मोबाइल टावर से एसएपीपी चोरी की घटना में आरोपियों के साथ और कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा गिरोह द्वारा इससे पहले जिले या आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की अन्य घटनाओं को अंजाम दिए जाने की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई से मोबाइल टावर संचालकों और क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

