मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना कस्बे के एक कब्रिस्तान में डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची का शव कब्र से निकालकर दूसरी जगह दफनाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। शव गायब मिलने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने इसे तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से जोड़कर देखना शुरू कर दिया, लेकिन पुलिस की जांच में मामले की अलग ही कहानी सामने आई। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया इस घटना के पीछे एक 11 वर्षीय बालक की भूमिका सामने आई है, जिसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, बुढ़ाना कस्बे के एक परिवार की डेढ़ वर्षीय बच्ची की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। परिजनों ने कुछ दिन पहले बच्ची को स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया था। बुधवार को जब परिजन कब्र पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कब्र खुदी हुई है और उसमें शव मौजूद नहीं है। यह देखकर परिजनों के होश उड़ गए और देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई।

कब्र से शव गायब होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान पहुंच गए। घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुढ़ाना कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस ने कब्रिस्तान कमेटी और परिजनों की मदद से पूरे परिसर में तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान बच्ची का शव कब्रिस्तान के ही दूसरे हिस्से में मिट्टी के अंदर दबा हुआ बरामद हो गया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी।
पुलिस को जांच के दौरान कब्रिस्तान में कुछ अन्य स्थानों पर भी मिट्टी से छेड़छाड़ के निशान मिले। इसके अलावा एक गड्ढे में मृत मुर्गा और कबूतर दबे हुए मिले, जिसके बाद शुरुआती तौर पर लोगों में तंत्र-मंत्र जैसी आशंकाएं और बढ़ गईं।
हालांकि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो घटना का खुलासा होता गया। पुलिस के अनुसार, कब्रिस्तान के आसपास रहने वाले एक 11 वर्षीय बालक की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पूछताछ में सामने आया कि उसी बालक ने बच्ची की कब्र खोदकर शव को दूसरी जगह दबा दिया था।
पुलिस के मुताबिक, यह बालक पहले भी कब्रिस्तान के आसपास घूमता रहता था और कब्रों की मिट्टी हटाने तथा मृत पक्षियों को गड्ढों में दबाने जैसी हरकतें करता था। पुलिस का कहना है कि किसी तांत्रिक गतिविधि या बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं।
बुढ़ाना कोतवाली प्रभारी सुभाष अत्री ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की गई है। घटना के पीछे किसी बाहरी गिरोह या तंत्र-मंत्र से जुड़ी गतिविधि सामने नहीं आई है। बालक की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है।
कोतवाली प्रभारी ने लोगों से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं। पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।

