मुजफ्फरनगर में बिजली संकट पर भड़का रालोद, मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव, एफआईआर वापस लेने की मांग पर जोरदार प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर में बिजली संकट पर भड़का रालोद, मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव, एफआईआर वापस लेने की मांग पर जोरदार प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर। सुभाषनगर बिजली प्रकरण में स्थानीय लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में रालोद कार्यकर्ता थाना नई मंडी क्षेत्र स्थित जानसठ रोड बाईपास पर बिजली विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंच गए और कार्यालय का घेराव करते हुए धरने पर बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुकदमा वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए कार्यालय की बिजली भी बंद कर दी गई, जिससे भीषण गर्मी में अधिकारियों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पूरा विवाद सुभाषनगर क्षेत्र में लगभग अट्ठाईस घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बाद शुरू हुआ। लगातार बिजली गुल रहने से परेशान स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया था। इसके बाद बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी गांधी कॉलोनी स्थित बिजलीघर पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की थी।

इस घटना के बाद बिजली विभाग की ओर से जूनियर इंजीनियर रमनजीत सिंह की तहरीर पर थाना नई मंडी में तीन नामजद तथा करीब पंद्रह से बीस अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्रता करने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसी कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रीय लोकदल ने मोर्चा खोल दिया और कार्यकर्ता मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रालोद के वरिष्ठ नेता सुधीर भारतीय ने कहा कि भीषण गर्मी में बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे घंटों तक बिना बिजली के परेशान रहे, लेकिन उनकी समस्या सुनने के लिए विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की पीड़ा दूर करने के बजाय बिजली विभाग ने उल्टा निर्दोष लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें प्रताड़ित करने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्या उठाना किसी भी नागरिक का अधिकार है। यदि विभाग लोगों की शिकायतों को सुनने के बजाय मुकदमे दर्ज करेगा तो जनता का आक्रोश स्वाभाविक है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे और व्यापक बनाया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण होने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। क्षेत्राधिकारी मंडी राजकुमार शॉव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों तथा बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच वार्ता कराने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई।

इसके बाद मुख्य अभियंता विनोद गुप्ता स्वयं कार्यालय से बाहर आए और रालोद नेताओं से वार्ता की। बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान उपलब्ध वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सभी साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया जाएगा। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसी के विरुद्ध कार्रवाई होगी और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

वार्ता के बाद रालोद नेता सुधीर भारतीय ने मीडिया से कहा कि मुख्य अभियंता ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के बाद निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे पर उचित निर्णय लिया जाएगा।

वहीं मुख्य अभियंता विनोद गुप्ता ने स्पष्ट किया कि एफआईआर जूनियर इंजीनियर रमनजीत सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज कराई गई है। शिकायत में उनके साथ अभद्रता किए जाने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग किसी के साथ पक्षपात नहीं करेगा और उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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