9 साल पुराने चुनावी मुकदमे में RLD सांसद चंदन चौहान को बड़ी राहत! खतौली की सभा में आचार संहिता उल्लंघन के आरोप से कोर्ट ने किया बरी, 7 आरोपी दोषमुक्त

9 साल पुराने चुनावी मुकदमे में RLD सांसद चंदन चौहान को बड़ी राहत! खतौली की सभा में आचार संहिता उल्लंघन के आरोप से कोर्ट ने किया बरी, 7 आरोपी दोषमुक्त

मुजफ्फरनगर। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान खतौली में आयोजित चुनावी सभा को लेकर दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के करीब नौ साल पुराने मुकदमे में बिजनौर के राष्ट्रीय लोकदल सांसद चंदन चौहान को बड़ी कानूनी राहत मिली है। एसीजेएम/विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में रालोद सांसद चंदन चौहान समेत सात आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। मामले की सुनवाई पीठासीन अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार फौजदार की अदालत में हुई। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए थे। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपियों को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।

यह मामला उस समय का है, जब चंदन चौहान वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर खतौली विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में थे। चुनाव प्रचार के दौरान पांच जनवरी 2017 को खतौली स्थित तान्या फार्म हाउस में एक चुनावी सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा को लेकर पुलिस ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंच गया और करीब नौ साल तक इसकी सुनवाई चलती रही।

तान्या फार्म हाउस में आयोजित हुई थी चुनावी सभा

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पांच जनवरी 2017 को तत्कालीन उपनिरीक्षक विक्रम सिंह भाटी ने खतौली कोतवाली में इस मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया था कि दोपहर करीब दो बजे चुनाव प्रत्याशी चंदन सिंह चौहान अपने समर्थकों के साथ तान्या फार्म हाउस पहुंचे थे। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे, जो बसों, ट्रैक्टरों और छोटी गाड़ियों में सवार होकर सभा स्थल पर पहुंचे थे। इन वाहनों पर समाजवादी पार्टी के झंडे लगे हुए थे।

पुलिस का आरोप था कि समर्थक नारेबाजी करते हुए और लाउडस्पीकर बजाते हुए सभा स्थल तक पहुंचे थे। इसके बाद वहां चुनावी सभा आयोजित की गई और भाषण भी दिए गए। पुलिस ने आरोप लगाया था कि सभा के आयोजन और भाषण के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमति मौके पर प्रस्तुत नहीं की गई थी। इसी आधार पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था।

सड़क के दोनों ओर खड़े कर दिए गए थे वाहन, जाम लगने का आरोप

पुलिस की प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया था कि चुनावी सभा में शामिल होने पहुंचे समर्थकों ने अपने वाहनों को सड़क के दोनों ओर खड़ा कर दिया था। बसों, ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के सड़क किनारे खड़े होने से यातायात प्रभावित हुआ था और जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। पुलिस ने इसे चुनावी व्यवस्था और आम यातायात में बाधा पहुंचाने से जुड़ा मामला माना था।

मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि चुनावी सभा के दौरान लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी बिना अनुमति किया गया। इसके अलावा सभा में पहुंचे समर्थकों को भोजन कराने का आरोप भी पुलिस की ओर से लगाया गया था। पुलिस का कहना था कि चुनावी सभा में समर्थकों को खाना खिलाकर प्रलोभन दिया गया था। इन्हीं आरोपों के आधार पर चंदन चौहान समेत अन्य लोगों के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन की कार्रवाई की गई थी।

आठ लोगों के खिलाफ दाखिल किया गया था आरोपपत्र

मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने चंदन चौहान, मयंक, जावेद, हाजी हबीबुर्रमान, अख्तर, वसीम, हाजी शमशुद्दीन और सुलेमान परदेशी समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए विभिन्न साक्ष्य प्रस्तुत किए।

मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम/विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों को न्यायालय में पेश किया गया। गवाहों के बयान दर्ज किए गए और मामले से जुड़े तथ्यों तथा साक्ष्यों पर विस्तार से विचार किया गया। वहीं, मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी सुलेमान परदेशी का निधन हो गया था।

साक्ष्यों के अभाव में सांसद समेत सात आरोपी दोषमुक्त

लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार फौजदार ने मामले में अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद साक्ष्यों के अभाव में रालोद सांसद चंदन चौहान समेत सात आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। इस फैसले से करीब नौ साल पुराने आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे का निस्तारण हो गया।

गौरतलब है कि वर्ष 2017 में खतौली विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाले चंदन चौहान वर्तमान में बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय लोकदल के सांसद हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुआ यह मुकदमा लंबे समय तक न्यायालय में विचाराधीन रहा। अब अदालत के फैसले के बाद चंदन चौहान सहित सात आरोपियों को इस मामले में राहत मिल गई है।

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