मुजफ्फरनगर। रोहाना स्टेट हाईवे से बड़कली जाने वाले मार्ग पर एक अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से गोवंश की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा रात करीब दस बजे बड़कली रेलवे फाटक से आगे हुआ। बताया गया कि सड़क पर मौजूद गोवंश को तेज रफ्तार से आ रहे किसी अज्ञात वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गोवंश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक मौके पर रुकने के बजाय वाहन लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए।

बड़कली रेलवे फाटक के आगे हुआ दर्दनाक हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोहाना स्टेट हाईवे से बड़कली की ओर जाने वाले मार्ग पर रात के समय वाहनों की आवाजाही जारी थी। इसी दौरान रात करीब दस बजे बड़कली रेलवे फाटक पार करने के बाद सड़क पर मौजूद एक गोवंश को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक वाहन तेज गति से आ रहा था और गोवंश को संभलने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर लगने से गोवंश सड़क पर गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से निकल गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे स्थानीय लोग
गोवंश की मौत की जानकारी आसपास के क्षेत्र में फैलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे। सड़क पर मृत पड़े गोवंश को देखकर लोगों ने उसके अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने का निर्णय लिया। स्थानीय लोगों ने आपसी सहयोग से जेसीबी की व्यवस्था कराई, ताकि गोवंश का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जा सके। इस दौरान कुलदीप कुमार, वासु कुमार और सुशील सिंह ने विशेष पहल करते हुए अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर पूरी व्यवस्था संभाली।
जेसीबी की मदद से विधि-विधान के साथ कराया अंतिम संस्कार
स्थानीय लोगों ने जेसीबी की मदद से गोवंश के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। सभी ने मिलकर विधि-विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार कराया। लोगों ने बताया कि बेजुबान पशुओं की देखभाल और उनके प्रति संवेदनशीलता रखना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। गोवंश की मौत के बाद जिस तरह स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर उसके अंतिम संस्कार की व्यवस्था की, उसकी क्षेत्र में चर्चा रही।
ग्रामीण मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों से हादसों का खतरा
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने ग्रामीण मार्गों पर तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि रात के समय अंधेरा होने के कारण सड़क पर बैठे या घूम रहे पशु कई बार वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। ऐसे में तेज गति से चलने वाले वाहन अचानक सामने आए पशुओं को टक्कर मार देते हैं। इससे बेजुबान पशुओं की जान जाने के साथ सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
वाहन चालकों से धीमी गति से चलने की अपील
कुलदीप कुमार, वासु कुमार और सुशील सिंह सहित अन्य स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों से अपील की कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। खासकर रात के समय रेलवे फाटकों, गांवों के संपर्क मार्गों और आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों की गति नियंत्रित रखें। उन्होंने कहा कि सड़क पर अचानक पशु आ जाने की स्थिति में तेज रफ्तार के कारण चालक को वाहन संभालने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इसलिए वाहन चलाते समय सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों ने बेजुबान पशुओं के प्रति दया और संवेदनशीलता रखने की अपील करते हुए कहा कि थोड़ी सी सावधानी से इस तरह के हादसों को रोका जा सकता है।

