2 घंटे में धरती पर पहुंच जाएंगे आंतरिक्ष यात्री, एमपी के बेटे ने नासा में किया कमाल

ग्वालियर. मध्यप्रदेश के एक बेटे ने बड़ा कमाल कर दिया है, उन्होंने ऐसा शोध किया, जिससे अच्छे अच्छे वैज्ञानिक भी हैरान रह गए, उनके शोध के अनुसार आंतरिक्ष से धरती पर पहुंचने में महज 2 घंटे लगेंगे।

जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी एक इंजीनियर प्रतीक त्रिपाठी ने नासा के चंद्रमा के लिए आयोजित मिशन आर्टेमिस-3 में योगदान देकर देश का नाम रोशन किया है। वे नासा के 10 सप्ताह के वार्षिक समर इंटर्न प्रोग्राम के लिए 300 स्कॉलर में से चयनित हुए, उन्होंने अपने शोध से सभी को आश्चर्य चकित कर दिया।

प्रतीक ग्वालियर शहर के बहोड़ापुर क्षेत्र में स्थित जाधव कॉलोनी में रहते हैं, उन्होंने लैंडिंग साइट से जुड़े विभिन्न पहलुओं ढलान, तापमान, रोशनी और पैदल चलने में लगने वाले समय का आकलन कर ये बताया कि किस प्रकार महज २ घंटे में कोई भी आंतरिक्ष यात्री फिर से धरती पर आ सकता है, उन्होंने इसे आर्टेमिस मिशन 3 का टारगेट भी बनाया, प्रतीक ने अपना ये काम लूनर एंड प्लेनेटरी इंस्टिट्यूट एलपी आई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ डेविड क्रीम के अंडर में रहकर पूरा किया, प्रदीक के पिता रविंद्र ने बताया कि वे वर्तमान में जियोमैटिक्स इंजीनियरिंग ग्रुप के रिसर्च स्कॉलर हैं, उन्होंने 2016 में ग्वालियर के ट्रिपल आईटीएम ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग से ब्रांच में टॉप किया था। वहीं इसरो के संस्थान आईआईआरएस से 2018 में एमटेक की डिग्री हासिल की, फिर उनका आईआईटी रुड़की में चयन हो गया। इसके बाद उन्होंने एलपी आई और नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर द्वारा आयोजित इंटर्नशिप प्रोग्राम में भाग लिया, जहां से उन्हें करीब 300 से अधिक प्रतिभागियों में उनका चयन हुआ। उनकी माता उषा त्रिपाठी ने बताया कि प्रतीक को शुरू से ही आंतरिक्ष व तारों सितारों से लगाव रहा है, वे बचपन से ही दूरबीन के माध्यम से तारों को देखते थे, उनके बारे में जानने की कोशिश करते थे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *