सरधना। थाना सरधना क्षेत्र के गांव ईकड़ी निवासी जगमेहर की पुत्री श्रीमति मोनिका ने बताया कि उसकी शादी तीन वर्ष पूर्व अरुण पुत्र ब्रजपाल निवासी ग्राम मौज्जमाबाद ज्वालागढ थाना सरधना के साथ हुयी थी। शादी के अवसर पर उस के माता पिता ने अपनी सामर्थ के अनुसार काफी घरेलू सामान स्त्रीधन के रूप में दिया था। शादी के पश्चात उस के एक पुत्री उत्पन्न हुयी जिसकी आयु इस समय एक वर्ष है। शादी के पश्चात से ही उस के ससुराल वाले उपरोक्त सामान से खुश नही हुये और आये दिन कम सामान लाने का ताना देकर उस को तंग व परेशान करते चले आ रहे है और दहेज के रूप में अंकन दो लाख रूपये की मांग करते चले आ रहे हैं। मोनिका ने बताया कि 20 सितंबर सुबह करीब 10 बजे उसके ससुरालियों ने उसके साथ गाली गलोच करते हुए 2 लाख रूपयों की मांग की । उसने अपने माता पिता की आर्थिक तंगी को देखते हुए असमर्थता जताई तो उपरोक्त लोगों ने उसके साथ लाठी डंडों से मारपीट की और गले में रूपटटा डालकर जान से मारने की कौशिश की। जिससे उसे काफी गम्भीर चोटें आयी है। उसकी चीख पुकार सुनकर ग्राम के काफी लोग आ गये जिन्होने उस की जान बचायी। उसने किसी तरह 100 नं0 पुलिस को फोन कर सूचना दी तो 100 नं0 पुलिस मौके पर आकर उसे बताया तथा उसके पति को हिरासत में लिया। पीड़िता ने आरोपी ससुरालियों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
