निरपुड़ा गांव में भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव के पावन पर्व पर आर्य समाज मंदिर में भव्य यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के पुरोहित ब्रजपाल आर्य रहे इस अवसर पर आर्य समाज के मंत्री हरपाल सिंह आर्य ने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर प्रकाश डालते हुए उनके व्यक्तित्व एवं चरित्र पर प्रकाश डाला । उन्होंने बताया भगवान कृष्ण का जन्म 3228 ई,वी श्री कृष्ण संवत में श्रीमुख संवत्सर भद्रपद कृष्ण अष्टमी के दिन मथुरा में कंस के कारागार में माता देवकी के गर्भ से जन्म हुआ था । उनके पिता वासुदेव जी थे उन्होंने मात्र 12 वर्ष की आयु में उपनयन यज्ञोपवीत संस्कार कराकर राष्ट्र की सेवा कर रत्नाकर सिंधु सागर पर द्वारका नगरी की स्थापना की एवं इसी में मथुरा में कालयवन की सेवा का संहार किया। इंद्रप्रस्थ में खांडव वन दाह में अग्नि और अर्जुन की सहायता की साथ ही साथ संपूर्ण हिंदू धर्म को एकजुट कर उन्हें अच्छाई के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया । मास्टर हरवीर सिंह,डॉ इकबाल सिंह,वेदपाल सिंह, तेजपाल सिंह ठेकेदार, जयपाल सिंह, संजीव राणा, श्रीकांत कौशिक, प्रियव्रत राणा आदि उपस्थित रहे।
