मोरना। तीर्थनगरी शुकतीर्थ की परमधाम कॉलोनी में शुक्रवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने एक परिवार के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। बारिश के बाद पास के खोले में अचानक तेज पानी का बहाव आने से किनारे स्थित मकान की दीवार पानी के कटान की चपेट में आ गई। देखते ही देखते मकान की बाहरी दीवार भरभराकर गिर गई और उसके साथ रसोई तथा शौचालय भी पूरी तरह ढह गए। हादसे के समय मकान में दो परिवारों के छोटे बच्चों समेत कई सदस्य मौजूद थे। गनीमत रही कि सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए और बड़ा हादसा होने से टल गया।

जानकारी के अनुसार परमधाम कॉलोनी निवासी दिनेश शर्मा के मकान में बिजनौर जिले के रहने वाले दो सगे भाई अमित और उपेंद्र अपने परिवारों के साथ किराये पर रहते हैं। अमित अपनी पत्नी अर्चना और करीब डेढ़ वर्षीय बेटे दक्ष के साथ मकान में रहते हैं, जबकि उनके भाई उपेंद्र अपनी पत्नी पूजा और बेटे कृष्णा के साथ इसी मकान में निवास करते हैं।

शुक्रवार सुबह क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद मकान के पास से गुजरने वाले खोले में अचानक पानी का बहाव काफी तेज हो गया। तेज बहाव के कारण पानी लगातार मकान की ओर कटान करने लगा। पानी की सीधी मार पड़ने से मकान की बाहरी दीवार और नींव कमजोर हो गई।
अचानक जोरदार आवाज के साथ मकान की बाहरी दीवार भरभराकर नीचे गिर गई। दीवार के साथ रसोई और शौचालय भी मलबे में तब्दील हो गए। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर मकान के अंदर मौजूद परिवार के लोग घबरा गए। कुछ देर के लिए मौके पर चीख-पुकार मच गई।
बाल-बाल बचे परिवार के सदस्य
गनीमत रही कि मकान की गिरी हुई दीवार और मलबा आवासीय कमरों तक नहीं पहुंचा। इससे दोनों परिवारों के छोटे बच्चों और महिलाओं समेत सभी सदस्य सुरक्षित बच गए। यदि दीवार का मलबा कमरों की ओर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हादसे के बाद परिवार के लोगों में दहशत का माहौल है। मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें आगे भी खतरा बना हुआ है। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा क्षतिग्रस्त हिस्से को बचाने के प्रयास शुरू किए।
पड़ोसी के मकान की दीवार में भी आई दरार
तेज पानी के बहाव का असर केवल एक मकान तक सीमित नहीं रहा। पानी के कटान की चपेट में पड़ोसी संदीप के मकान की दीवार भी आ गई। दीवार में गहरी दरारें पड़ गई हैं। इससे आसपास रहने वाले अन्य परिवारों में भी चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश के दौरान खोले में इसी तरह तेज पानी आता रहा तो आसपास के अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में प्रशासन को तत्काल जल निकासी और कटान रोकने की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने मिट्टी के कट्टे लगाकर रोका कटान
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व ग्राम प्रधान नीरज रॉयल शास्त्री ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल बचाव कार्य शुरू कराया। मकान के बचे हुए हिस्से को सुरक्षित रखने के लिए कटान वाली जगह पर मिट्टी से भरे बोरे और कट्टे लगवाए गए, ताकि पानी का सीधा बहाव मकान की नींव तक न पहुंच सके।
ग्रामीणों ने भी अपने स्तर से बचाव कार्य में सहयोग किया। हालांकि उनका कहना है कि मिट्टी के कट्टों से केवल तत्काल राहत मिल सकती है। लगातार बारिश होने पर पानी का बहाव दोबारा तेज हुआ तो मकान के शेष हिस्से को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहेगी।
आर्थिक सहायता और पक्के नाले की मांग
पूर्व ग्राम प्रधान नीरज रॉयल शास्त्री और ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मकान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गिरने से परिवार को काफी नुकसान हुआ है और उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है।
इसके साथ ही क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी के लिए पक्के नाले की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग भी उठाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पानी की निकासी के लिए उचित और स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक हर तेज बारिश में आसपास के मकानों पर खतरा बना रहेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने, प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और भविष्य में जलभराव तथा कटान की समस्या से बचाव के लिए स्थायी इंतजाम कराने की मांग की है।

