मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र स्थित पावन तीर्थ शुकतीर्थ में रविवार को उस समय श्रद्धा का माहौल मातम में बदल गया, जब गंगा स्नान के दौरान अलग-अलग घटनाओं में दस वर्षीय बालिका समेत तीन श्रद्धालुओं की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। एक अन्य युवक की हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। एक ही दिन में तीन लोगों की मौत की खबर से शुकतीर्थ में अफरा-तफरी मच गई, जबकि मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

रविवार को शुकतीर्थ में सतगुरु समनदास महाराज के विशाल सत्संग के चलते हजारों श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। सत्संग में शामिल होने आए श्रद्धालु गंगा स्नान भी कर रहे थे। इसी दौरान अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों ने पूरे आयोजन की खुशियों को गहरे दुख में बदल दिया।

जानकारी के अनुसार बिजनौर जनपद के थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र के गांव फतेहपुर कलां निवासी मनीष पुत्र नरेश गंगा में स्नान कर रहा था। स्नान के दौरान वह अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गया। मनीष को डूबता देख उसके साथी राजन पुत्र बाबूराम ने बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने के लिए गंगा में छलांग लगा दी। लेकिन तेज बहाव के कारण दोनों युवक खुद भी पानी में फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद गोताखोर तत्काल सक्रिय हुए और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को बाहर निकाला। गंभीर हालत में दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने राजन को मृत घोषित कर दिया। वहीं मनीष की हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
इसी बीच एक अन्य दर्दनाक घटना में बागपत जनपद के थाना बिनौली क्षेत्र के गांव बिजवाड़ा निवासी हिमांशु पुत्र सचिन भी गंगा स्नान करते समय गहरे पानी में डूब गया। गोताखोरों ने उसे बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे भी मृत घोषित कर दिया।
दोपहर बाद शुकतीर्थ में एक और हृदयविदारक हादसा सामने आया। बिजनौर जनपद के थाना नगीना क्षेत्र के गांव हरनंगला निवासी दस वर्षीय रागनी पुत्री सोहन पाल गंगा स्नान के दौरान अचानक गहरे पानी में चली गई। परिजनों और गोताखोरों ने तत्काल उसे बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपा पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने मासूम बच्ची को भी मृत घोषित कर दिया।
एक ही दिन में तीन श्रद्धालुओं की मौत और एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने की खबर फैलते ही शुकतीर्थ में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गंगा घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। श्रद्धालुओं की आंखों के सामने हुए इन हादसों ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया।
घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी, जबकि घायल युवक के उपचार पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रविवार को हुए इन दर्दनाक हादसों ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले अवसरों पर संवेदनशील और गहरे घाटों पर पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित गोताखोर, पुलिसकर्मी, बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही श्रद्धालुओं को भी गहरे पानी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
शुकतीर्थ में श्रद्धा और आस्था के साथ शुरू हुआ रविवार का दिन कई परिवारों के लिए जिंदगी का सबसे दर्दनाक दिन बन गया। गंगा स्नान के दौरान हुई इन तीन मौतों ने न केवल मृतकों के परिवारों को गहरा सदमा दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र को भी शोक में डुबो दिया।

