लोन नहीं चुका सका तो पूरे परिवार को खत्म कर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- आदमी मैं बुरा नहीं, पर हालात…

लोन नहीं चुका सका तो पूरे परिवार को खत्म कर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- आदमी मैं बुरा नहीं, पर हालात…

इंदौर में सनसनीखेज घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने एक ही परिवार के चार लोगों के शव उनके घर से मंगलवार को बरामद किए। मरने वालों में पति-पत्नी तथा उनके दो छोटे बच्चे शामिल हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि एक निजी दूरसंचार कम्पनी में काम करने वाले अमित यादव (35) का शव उनके घर में फांसी के फंदे पर लटकता मिला, जबकि उनकी पत्नी टीना (30), तीन वर्षीय बेटी याना और एक वर्षीय बेटे दिव्यांश के शव जमीन पर पड़े मिले।

उन्होंने बताया कि मूलत: सागर के रहने वाले यादव के छोड़े सुसाइड नोट में कहा गया है कि ‘जीने की इच्छी मेरी भी है, लेकिन मेरे हालात अब ऐसे नहीं रहे, आदमी मैं बुरा नहीं हूं, पर हालात नहीं… इसमें किसी की कोई गलती नहीं है, मेरी ही है, मैंने कई ऑनलाइन ऐप से लोन से रखा है, पर मैं लोन भर नहीं पा रहा हूं, इज्जत के डर से यह कदम उठा रहा हूं, पुलिस मेरे परिवार को परेशान न करें, मैं ही दोषी हूं।

भदौरिया ने बताया कि यादव के घर का दरवाजा अंदर से बंद था और दरवाजा तोड़ने पर परिवार के चारों सदस्यों के शव मिले। पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि यादव की मौत फांसी लगाने से हुई, जबकि तीन अन्य लोगों ने जहर खाने से दम तोड़ा। अधिकारी ने बताया कि चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से उनकी मौत का सटीक कारण पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि पुलिस को यह भी पता चला है कि यादव का परिवार नजदीकी उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद सोमवार रात अपने इंदौर स्थित घर लौटा था।

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