मुजफ्फरनगर। रोहन राठी हत्याकांड के सही खुलासे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बुधवार शाम पुरकाजी कस्बे और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। रोडवेज परिसर से शुरू हुआ मार्च सूलीवाला बाग तक पहुंचा। हाथों में जलती मोमबत्तियां और इंसाफ की मांग लिखी तख्तियां लेकर लोग मार्च में शामिल हुए। इस दौरान रोहन राठी को इंसाफ दिलाने और हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की गई।

कैंडल मार्च में क्षेत्र के लोगों की बड़ी भागीदारी रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक विभिन्न वर्गों के लोग मार्च में शामिल हुए। अलग-अलग समुदायों के लोगों ने एकजुट होकर हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और पूरे मामले का सही खुलासा किए जाने की मांग उठाई। निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार शाम रोडवेज परिसर में लोग एकत्र हुए और हाथों में मोमबत्तियां लेकर सूलीवाला बाग की ओर रवाना हुए। मार्च आगे बढ़ने के साथ इसमें शामिल लोगों की संख्या भी बढ़ती गई।

लोगों के हाथों में रोहन राठी को इंसाफ दिलाने और हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग वाली तख्तियां थीं। मार्च के दौरान रोहन राठी को इंसाफ दो, असली कातिलों को गिरफ्तार करो और रोहन राठी अमर रहे जैसे नारे लगाए गए। सूलीवाला बाग पहुंचकर लोगों ने रोहन राठी को श्रद्धांजलि दी और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने की मांग की।
बताया गया कि पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव हरेटी के ग्राम प्रधान एवं भारतीय किसान यूनियन के जिला सचिव विवेक राठी के पुत्र रोहन राठी का शव 25 सितंबर की सुबह गांव के पास पड़ा मिला था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। पुलिस की ओर से मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी गई थी।
हालांकि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद रोहन राठी के परिजन और कुछ ग्रामीण मामले के खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जानी चाहिए और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। परिजन मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं।
हत्याकांड की जांच के लिए एसएसपी की ओर से विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन भी किया गया है। एसआईटी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इसके बावजूद परिजनों की ओर से सीबीआई जांच की मांग लगातार उठाई जा रही है। कैंडल मार्च के माध्यम से भी लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की।
कैंडल मार्च को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मार्च के पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भीड़ की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी और मार्च को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया। किसी तरह की अप्रिय स्थिति न हो, इसके लिए प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
कैंडल मार्च में भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष नवीन राठी, मोनू प्रधान, बिट्टू राठी, उवेश, आजाद फरीदी, आदिल फरीदी, मोहम्मद इरशाद, धनप्रकाश, ब्लॉक प्रमुख मालती, हरिओम त्यागी, हाफिज मोहसिन, संजय त्यागी, विशु मलिक, शाहआलम गौर, सरदार गुरमेल सिंह बाजवा, सद्दाम फरीदी, तनवीर एडवोकेट, सुधीर राठी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
मार्च के दौरान लोगों ने रोहन राठी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हत्याकांड से जुड़े सभी तथ्यों की जांच होनी चाहिए। अब मामले में पुलिस की जांच और एसआईटी की रिपोर्ट पर परिजनों तथा ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।

