यूपी विधानसभा पुस्तकालय में स्थापित हुआ युगऋषि वाङ्मय, सतीश महाना बोले- सद्साहित्य देता है सकारात्मक दिशा

यूपी विधानसभा पुस्तकालय में स्थापित हुआ युगऋषि वाङ्मय, सतीश महाना बोले- सद्साहित्य देता है सकारात्मक दिशा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना के सन्दर्भ पुस्तकालय में शुक्रवार को गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों के 467वें युगऋषि वाङ्मय की स्थापना की गई।

इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि “ऋषि का सद्साहित्य समाज के मार्गदर्शन के लिए है। ऐसे साहित्य से व्यक्ति को जीवन में सकारात्मक दिशा, संस्कार और सत्कर्म की प्रेरणा मिलती है। केवल शब्दों को पढ़ने का नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का भी प्रयास किया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ज्ञान और सद्विचारों पर आधारित साहित्य व्यक्ति के चरित्र निर्माण के साथ-साथ समाज को भी नई दिशा प्रदान करता है। युगऋषि वाङ्मय में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों का समावेश है, जो समाज के लिए प्रेरणादायी है।

युगऋषि वाङ्मय की स्थापना शशि गंगवार एवं देवेंद्र सिंह गंगवार द्वारा अपने बच्चों चारु सिंह, चि० स्वास्तिक सिंह एवं चि० विभव सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ जन्मदिन के अवसर पर समर्पित की गई।

इस अवसर पर सन्दर्भ पुस्तकालय में युगऋषि वाङ्मय साहित्य के साथ ही सतीश महाना को अखण्ड ज्योति पत्रिका भेंट की गई। कार्यक्रम में उपस्थित महानुभावों एवं विधान सभा कार्यालय के कर्मचारियों को भी अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका प्रदान की गई।

वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमाशंकर शर्मा ने कहा कि युगऋषि वाङ्मय समाज को नैतिक मूल्यों, ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक चिंतन की दिशा प्रदान करने वाला अमूल्य साहित्य है।

इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना के साथ कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि उमाशंकर शर्मा, देवेंद्र सिंह गंगवार, शशि गंगवार, रुचि सिंह, सावित्री शर्मा, वी०के० श्रीवास्तव एवं प्रेम सिंह यादव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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