प्रयागराज। आने वाले सात दिनों के मध्य उत्तर प्रदेश के के कई जिलों में भारी वर्षा के आसार है। ऐसा भारतीय मौसम विभाग का पूर्वानुमान है । यह जानकारी शनिवार को चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय ने दी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अगले सात दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से 3 से 5 अगस्त के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। उन्होंने किसानों को मौसम का पूर्वानुमान देखते हुए कृषि कार्य करने और जलभराव से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी।

डॉ. पांडेय ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार एक अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
2 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर वर्षा और वज्रपात की संभावना है। 3 अगस्त से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां और तेज होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसी दिन दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा का भी अनुमान है।
उन्होंने बताया कि 4 और 5 अगस्त को भी अधिकांश क्षेत्रों में बारिश जारी रहेगी। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।
डॉ. पांडेय ने बताया कि 6 और 7 अगस्त को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है, हालांकि इन दिनों भारी वर्षा की चेतावनी नहीं जारी की गई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा मौसम साफ होने पर ही कृषि कार्य करें। लगातार वर्षा वाले क्षेत्रों में धान और अन्य खरीफ फसलों में जलभराव नहीं होने देना चाहिए तथा मौसम विभाग द्वारा जारी नवीनतम चेतावनियों पर नियमित नजर बनाए रखें।

