मुजफ्फरनगर सड़क हादसे ने उजाड़ दिए दो घर! पिहू के बाद रूही ने भी तोड़ा दम, इकलौती बेटियों को खोकर टूटे परिवार

मुजफ्फरनगर सड़क हादसे ने उजाड़ दिए दो घर! पिहू के बाद रूही ने भी तोड़ा दम, इकलौती बेटियों को खोकर टूटे परिवार

मुजफ्फरनगर। शहर के शामली रोड पर दो जून को हुआ दर्दनाक सड़क हादसा आखिरकार दो परिवारों की जिंदगी में ऐसा जख्म दे गया, जो शायद कभी नहीं भर सकेगा। दून वैली स्कूल से छुट्टी के बाद तीन मासूम बच्चियों को बाइक पर लेकर घर लौट रहे युवक की बाइक गांधी पार्क के निकट ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गई थी। इस हादसे में सात वर्षीय पिहू उर्फ कोयशा की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल सात वर्षीय रूही ने मेरठ के अस्पताल में कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद दम तोड़ दिया। रूही की मौत की खबर मिलते ही पूरे मोहल्ले में मातम छा गया और दो परिवारों के इकलौते चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।

यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ था, जब पंकज शर्मा दून वैली स्कूल से कक्षा एक में पढ़ने वाली तीन बच्चियों को बाइक पर बैठाकर दक्षिणी कृष्णापुरी स्थित अपने घर लौट रहे थे। दोपहर के समय जैसे ही उनकी बाइक शामली रोड पर ईदगाह रोड स्थित गांधी पार्क के पास पहुंची, तभी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ओवरटेक करने की कोशिश में बाइक अनियंत्रित होकर ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार सभी लोग सड़क पर गिर पड़े और ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गए।

हादसे में पिहू उर्फ कोयशा, पुत्री दीपक शर्मा, ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। वहीं रूही, पुत्री पंकज शर्मा, गंभीर रूप से घायल हो गई थी। बाइक चला रहे पंकज शर्मा को भी गंभीर चोटें आई थीं। दोनों घायलों को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया गया। तीसरी बच्ची ख्वाइश, पुत्री विभोर निवासी दक्षिणी कृष्णापुरी, को मामूली चोटें आई थीं और प्राथमिक उपचार के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था।

कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद आखिरकार रूही भी जिंदगी हार गई। शामली स्टैंड चौकी प्रभारी देव पाल सिंह ने बताया कि मेरठ में उपचार के दौरान रूही की मौत हो गई। परिजनों ने बच्ची का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

इस हादसे की सबसे मार्मिक बात यह रही कि पिहू और रूही दोनों ही अपने-अपने परिवार की इकलौती संतान थीं। पहले पिहू की मौत और अब रूही के निधन ने दोनों परिवारों की दुनिया उजाड़ दी है। जिन घरों में कुछ दिन पहले तक बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब केवल सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले के लोग भी इस दर्दनाक घटना से गहरे सदमे में हैं। दून वैली स्कूल के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं में भी शोक का माहौल है।

घटना के बाद पुलिस ने हादसे की जांच की और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर जल्दबाजी और लापरवाही कई बार जिंदगी भर का दर्द दे जाती है। विशेष रूप से जब वाहन पर बच्चे सवार हों, तब चालक को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ओवरटेक करने से पहले पूरी तरह सुरक्षित स्थिति सुनिश्चित करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और भारी वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। थोड़ी सी सतर्कता कई अनमोल जिंदगियां बचा सकती है।

दो जून को हुआ यह हादसा अब केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं रह गया है, बल्कि पूरे शहर के लिए एक ऐसी दर्दनाक सीख बन गया है, जिसने दो मासूम जिंदगियां छीन लीं और दो परिवारों को जीवनभर का गम दे दिया। यह घटना हर वाहन चालक को याद दिलाती है कि सड़क पर एक पल की लापरवाही किसी के पूरे जीवन की खुशियां छीन सकती है।

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