मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना थाना क्षेत्र के गांव भैसाना में बुधवार शाम सवारी बैठाने की होड़ और तेज रफ्तार ने पांच लोगों की जिंदगी छीन ली। प्राइमरी स्कूल के पास हुए भीषण सड़क हादसे में बेकाबू रोडवेज बस ने तीन बाइकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में तीन साल की मासूम बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार उछलकर दूर जा गिरे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई। ग्रामीणों ने घायलों और सड़क पर पड़े लोगों को संभालने का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी। दुर्घटना के बाद रोडवेज बस चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बुधवार शाम बुढ़ाना की ओर से मुजफ्फरनगर जा रही बड़ौत डिपो की रोडवेज बस संख्या यूपी 17 एटी 9165 तेज गति से दौड़ रही थी। बताया गया कि आगे चल रही दूसरी रोडवेज बस से सवारी उठाने को लेकर प्रतिस्पर्धा चल रही थी। इसी दौरान बस चालक ने आगे निकलने का प्रयास किया। भैसाना गांव के पास मोड़ पर ओवरटेक के दौरान बस अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही बाइकों को चपेट में ले लिया।

बस की रफ्तार इतनी अधिक थी कि बाइक सवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। एक के बाद एक तीन बाइक बस की चपेट में आ गईं। टक्कर के बाद सड़क पर अफरा तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों को संभालने का प्रयास किया। हालांकि तब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी थी।
हादसे में जान गंवाने वालों में राजपुर गढ़ी निवासी मोमीन पुत्र मंजूरा, तमेला गढ़ी बागपत निवासी फरमान पुत्र उमरदीन, फरमान की तीन वर्षीय बेटी सुहाना उर्फ अल्लो, कांधला के मोहल्ला खैल निवासी इदरीश पुत्र कपुरा और इसी मोहल्ले के साजिद पुत्र समयदीन शामिल हैं।
बताया गया कि इदरीश और साजिद आपस में चचेरे भाई थे और कांधला के रहने वाले थे। दोनों किसी काम से मुजफ्फरनगर आए थे और अपना काम निपटाने के बाद वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया और दोनों की मौके पर ही जान चली गई।
दूसरी बाइक पर तमेला गढ़ी निवासी फरमान अपनी तीन वर्षीय बेटी सुहाना उर्फ अल्लो और अपने जीजा मोमीन के साथ मुजफ्फरनगर से खरीदारी कर घर लौट रहा था। परिवार को क्या पता था कि घर लौटते समय रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। पिता की गोद में बैठी मासूम अल्लो भी हादसे की चपेट में आ गई। हादसे में फरमान, उसकी मासूम बेटी और उसके जीजा मोमीन की मौत हो गई। एक ही परिवार से जुड़े तीन लोगों की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, एसपी देहात अक्षय संजय महादिक और सीओ गजेंद्र कुमार भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण करते हुए हादसे की जानकारी जुटाई। पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने दुर्घटना में शामिल रोडवेज बस को कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, लापरवाही और ओवरटेक को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बस चालक की तलाश की जा रही है। उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हादसे के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों पर तेज रफ्तार और सवारी बैठाने की प्रतिस्पर्धा अक्सर हादसों का कारण बनती है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन वाहनों की रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मुजफ्फरनगर में हुए इस भीषण सड़क हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और अधिकारियों को पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता और राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जाएगा। फरार चालक की गिरफ्तारी के बाद हादसे की वजह और जिम्मेदारी से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आने की उम्मीद है।

