मुजफ्फरनगर। जनपद में बाहरी राज्यों से आए मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। तितावी क्षेत्र में गुड़ कोल्हू पर मजदूरों को बंधक बनाकर प्रताड़ित किए जाने की घटना की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब चरथावल थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दबंग किसान ने अपने यहां काम करने आए बिहार निवासी मजदूर को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से बेरहमी से पीटा। घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी किसान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अभिरक्षा में आरोपी की सारी दबंगई निकल गई और वह हाथ जोड़कर तथा पैर पकड़कर माफी मांगता दिखाई दिया।

पुलिस के अनुसार बिहार राज्य के कटिहार जनपद के थाना पुरानपुर क्षेत्र स्थित गांव खाजाहटिया निवासी राजू पुत्र बजल बीते चौदह जून को चरथावल थाना क्षेत्र के गांव रोनी हरजीपुर निवासी बबलू उर्फ मनोज पुत्र जगपाल के यहां नौकर के रूप में काम करने आया था। बताया गया कि एक एजेंट के माध्यम से उसे खेतों में मजदूरी के लिए रखा गया था।

गुरुवार को खेत में काम करने के दौरान किसी बात को लेकर मालिक और मजदूर के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर राजू ने मालिक की प्रताड़ना से परेशान होकर काम छोड़ने और अपने घर बिहार लौट जाने की बात कही। मजदूर का यह फैसला सुनते ही किसान बबलू उर्फ मनोज गुस्से से आगबबूला हो गया।
आरोप है कि मजदूर के वहां से निकलने का प्रयास करते ही आरोपी ने उसका पीछा किया और बीच सड़क पर पकड़ लिया। इसके बाद उसने लाठी-डंडों से बेरहमी से उसकी पिटाई शुरू कर दी। आरोपी ने मजदूर को जमीन पर गिराकर भी पीटा। पीड़ित खुद को बचाने के लिए चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन आरोपी पर इसका कोई असर नहीं हुआ। इस दौरान सड़क से गुजर रहे कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन दबंग के खौफ के चलते कोई भी खुलकर विरोध नहीं कर सका।
मारपीट की पूरी घटना पास में लगे एक मकान के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। किसी ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चरथावल थाना पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी किसान को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस हिरासत में पहुंचते ही आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। जो व्यक्ति सड़क पर मजदूर पर लाठियां बरसा रहा था, वही पुलिस के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पीड़ित मजदूर को एक एजेंट के माध्यम से सात हजार रुपये एडवांस देकर अपने यहां काम कराने के लिए बुलाया था।
जनपद में बीते कुछ दिनों के भीतर मजदूरों के साथ अत्याचार और शोषण के लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रशासन और समाज दोनों के सामने गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। पहले तितावी क्षेत्र में मजदूरों को बंधक बनाकर प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आया और अब चरथावल में मजदूर के साथ खुलेआम मारपीट की घटना ने बाहरी राज्यों से रोजी-रोटी की तलाश में आने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सामाजिक संगठनों का कहना है कि मजदूर भी कानून के दायरे में समान अधिकार रखते हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति मजदूरों का शोषण करने का साहस न कर सके।

