मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की वर्ष 2026 की कम्पार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट परीक्षा के दौरान मुजफ्फरनगर में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजकीय इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर में आयोजित परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान कई कापियों में 50, 100 और 500 रुपये के नोट बंधे मिले। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मेरठ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और परीक्षा केंद्र प्रभारी को तलब कर सुनवाई की गई।

जानकारी के अनुसार 28 जुलाई को राजकीय इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर में कम्पार्टमेंट परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में करीब 700 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए दूसरे जिलों के केंद्रों पर भेजी गईं। वहां मूल्यांकन के दौरान कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के भीतर रुपये के नोट बंधे अथवा संलग्न मिले। एक के बाद एक कापियों में नोट मिलने से मूल्यांकन से जुड़े अधिकारियों और शिक्षकों में भी चर्चा शुरू हो गई।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान जिले के 12 विद्यालयों से संबंधित करीब 150 परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में 50, 100 से लेकर 500 रुपये तक के नोट मिले। हालांकि नोट किस उद्देश्य से कापियों में लगाए गए थे और यह कार्य परीक्षार्थियों की ओर से किया गया था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी, इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रथम दृष्टया शिक्षा विभाग इस पूरे मामले को परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल, परीक्षार्थियों की ओर से मूल्यांकनकर्ताओं को प्रभावित करने के प्रयास और सामूहिक नकल जैसी आशंकाओं से जोड़कर देख रहा है। हालांकि इन आशंकाओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
मामला क्षेत्रीय कार्यालय के संज्ञान में पहुंचने के बाद मेरठ के क्षेत्रीय सचिव ज्योति प्रसाद ने राजकीय इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर के प्रधानाचार्य एवं केंद्र प्रभारी सुभाष चंद्र समेत संबंधित 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को तलब किया। क्षेत्रीय कार्यालय में हुई सुनवाई के दौरान परीक्षा संचालन और उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़े प्रकरण पर प्रधानाचार्यों से उनका पक्ष जाना गया। अधिकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में सामने आई गंभीर स्थिति को लेकर नाराजगी जताते हुए संबंधित प्रधानाचार्यों से स्पष्टीकरण भी मांगा।
जांच प्रक्रिया के तहत संबंधित परीक्षार्थियों को भी क्षेत्रीय कार्यालय में बुलाया गया था, ताकि उत्तर पुस्तिकाओं में नोट लगाए जाने के संबंध में उनका पक्ष जाना जा सके। अब क्षेत्रीय स्तर पर प्राप्त स्पष्टीकरण और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जिन 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ में तलब किया गया, उनमें श्री कुंदकुद जैन इंटर कॉलेज खतौली, जीआईसी बडसू, आदेश इंटर कॉलेज, श्री प्राणनाथ इंटर कॉलेज रतनपुरी, सर सैयद इंटर कॉलेज बुढ़ाना, एसडीएस इंटर कॉलेज तितावी, किसान मजदूर इंटर कॉलेज जसोई, जीआईसी कन्या इंटर कॉलेज सिसौली, एसडी इंटर कॉलेज, नेशनल इंटर कॉलेज दधेडू, भारत इंटर कॉलेज नंगला मंदौड़ और राजकीय इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर शामिल हैं।
इस पूरे मामले को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक हरिकेश यादव ने बताया कि परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में नोट बंधे होने का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण की विस्तृत जांच मेरठ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के स्तर से की जा रही है। जांच रिपोर्ट और क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कम्पार्टमेंट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में रुपये मिलने के इस मामले ने परीक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें क्षेत्रीय कार्यालय की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर यह स्पष्ट होगा कि उत्तर पुस्तिकाओं में नोट पहुंचने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और परीक्षा से जुड़े जिम्मेदार लोगों पर किस स्तर की कार्रवाई की जाती है।

