मुजफ्फरनगर। शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र महावीर चौक स्थित अग्रवाल मार्केट में बैंक ऑफ बड़ौदा की कार्रवाई से व्यापारियों और दुकानदारों में हलचल मच गई। बैंक की ओर से मार्केट की 10 दुकानों के बाहर कुर्की और ई-नीलामी से संबंधित नोटिस चस्पा किए गए हैं। सुबह दुकानें खुलने से पहले लगाए गए इन नोटिसों की जानकारी जैसे ही व्यापारियों को मिली, पूरे बाजार में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। एक साथ इतनी दुकानों पर बैंक की कार्रवाई से दुकानदारों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई।

बैंक ऑफ बड़ौदा के प्राधिकृत अधिकारी की ओर से जारी सेल नोटिस में संबंधित संपत्तियों को लेकर सरफेसी अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने का उल्लेख किया गया है। नोटिस के अनुसार, मामला एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़ा है, जिसमें कंपनी के प्रमोटर्स और गारंटर का भी उल्लेख किया गया है। बैंक ने बकाया ऋण की रकम 3 करोड़ 30 लाख 60 हजार 100 रुपये और 36 पैसे दर्शाई है। इसके अतिरिक्त भविष्य में लगने वाला ब्याज और अन्य खर्च भी बकाया राशि में शामिल किए जाने की बात कही गई है।

अग्रवाल मार्केट की 10 दुकानों पर चस्पा किए नोटिस
बैंक की ओर से जारी नोटिस में महावीर चौक स्थित अग्रवाल मार्केट के भूतल और प्रथम तल पर स्थित कुल 10 दुकानों को गिरवी संपत्ति के दायरे में बताया गया है। नोटिस में सभी संबंधित दुकानों के नंबर और संपत्तियों का विवरण भी दर्ज किया गया है। बैंक के अनुसार, इन दुकानों को ऋण के बदले गिरवी रखा गया था और बकाया भुगतान नहीं होने के चलते अब इन संपत्तियों के संबंध में वैधानिक वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
नोटिस में इन सभी संपत्तियों का कुल क्षेत्रफल 270.64 वर्ग मीटर बताया गया है। दुकानों के बाहर नोटिस चस्पा होने के बाद बाजार में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बन गया। व्यापारी एक-दूसरे से कार्रवाई के कारणों और संबंधित दुकानों की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाते नजर आए।
3 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक का बकाया
बैंक की ओर से जारी सेल नोटिस में कुल बकाया राशि 3,30,60,100 रुपये और 36 पैसे दर्ज की गई है। इस रकम के साथ भविष्य का ब्याज और अन्य खर्च भी देय बताए गए हैं। बैंक की ओर से यह कार्रवाई ऋण की वसूली के लिए सरफेसी अधिनियम के तहत की जा रही है।
बैंक ने नोटिस में संबंधित संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया का विवरण भी दिया है। इसके तहत संपत्तियों की आरक्षित कीमत 2 करोड़ 67 लाख रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, ई-नीलामी में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट यानी ईएमडी की राशि 26 लाख 70 हजार रुपये तय की गई है।
15 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है ई-नीलामी
बैंक की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, अग्रवाल मार्केट की संबंधित दुकानों की ई-नीलामी के लिए 15 दिसंबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है। नीलामी में शामिल होने के इच्छुक लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ईएमडी जमा करनी होगी। बैंक की ओर से संपत्तियों के संबंध में आरक्षित मूल्य और अन्य आवश्यक शर्तों का उल्लेख भी नोटिस में किया गया है।
बैंक अधिकारियों के अनुसार, बकाया ऋण की वसूली के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। नोटिस में दर्शाई गई संपत्तियों को नीलामी के माध्यम से बेचकर बकाया रकम की वसूली का प्रावधान किया गया है।
सुबह दुकानें खुलने से पहले पहुंची बैंक की कार्रवाई
स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, दुकानों के बाहर नोटिस सुबह-सुबह चस्पा किए गए थे। उस समय अधिकांश दुकानें बंद थीं। जब व्यापारी अपनी दुकानें खोलने पहुंचे तो उन्हें बैंक की कार्रवाई की जानकारी हुई। इसके बाद बाजार में आपस में बातचीत और मामले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।
अग्रवाल मार्केट महावीर चौक का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में व्यापारी और ग्राहक रोजाना पहुंचते हैं। ऐसे में एक साथ 10 दुकानों पर कुर्की और ई-नीलामी से संबंधित नोटिस लगाए जाने से बाजार के कारोबारियों के बीच चर्चा होना स्वाभाविक है। कई दुकानदार इस बात को लेकर जानकारी जुटाते रहे कि बैंक की कार्रवाई किन संपत्तियों और किन लोगों से संबंधित है।
बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
फिलहाल बैंक की ओर से जारी नोटिस में संबंधित दुकानों को गिरवी संपत्ति बताते हुए बकाया ऋण की वसूली के लिए ई-नीलामी की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दुकानों के मौजूदा स्वामित्व, कंपनी से उनके संबंध, ऋण की पूरी स्थिति और अब तक की कानूनी कार्रवाई से जुड़े अन्य पहलुओं की विस्तृत जानकारी बैंक के आधिकारिक अभिलेखों से ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल 15 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित ई-नीलामी की तारीख को लेकर अग्रवाल मार्केट के व्यापारियों की निगाहें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। बैंक की ओर से जारी नोटिस के बाद यह मामला शहर के व्यापारिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

