मुजफ्फरनगर में बाइक चोरी के आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट का शिकंजा, राशिद को गैंग लीडर बनाया; देहरादून से चला रहा था गिरोह

मुजफ्फरनगर में बाइक चोरी के आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट का शिकंजा, राशिद को गैंग लीडर बनाया; देहरादून से चला रहा था गिरोह

मुजफ्फरनगर। मोटरसाइकिल चोरी के मामलों में आरोपी बताए जा रहे दो लोगों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने गैंग लीडर मोहम्मद राशिद और उसके साथी फिरोज अहमद के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए मोटरसाइकिल चोरी करने का आरोप है।

पुलिस की ओर से तैयार किए गए गैंगचार्ट को जिलाधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। मुकदमे में मोहम्मद राशिद को गिरोह का सरगना दर्शाया गया है।

देहरादून से गिरोह संचालित करने का आरोप

शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार, गैंग लीडर मोहम्मद राशिद पुत्र शईद अहमद मूल रूप से गली नंबर-3, महमूद नगर, थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर का निवासी है। वर्तमान में वह देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र की निरंजनपुर स्थित कश्मीरी कॉलोनी में रह रहा था।

मामले में सहआरोपी फिरोज अहमद पुत्र जलील अहमद को भी नामजद किया गया है, जो देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र की नगर निगम कॉलोनी का निवासी बताया गया है। पुलिस का आरोप है कि राशिद ने फिरोज के साथ मिलकर संगठित गिरोह बनाया और अलग-अलग स्थानों से मोटरसाइकिल चोरी कर अवैध रूप से धन अर्जित किया।

दो पुराने मुकदमों का गैंगचार्ट में उल्लेख

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ तैयार गैंगचार्ट में दो पुराने मुकदमों का उल्लेख किया गया है। इनमें कोतवाली नगर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 176/2026 और सिविल लाइन थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 102/2026 शामिल हैं। दोनों मामलों में बीएनएस की धारा 303(2)/317(2) के तहत मुकदमे दर्ज होने की बात कही गई है।

पुलिस ने इन्हीं मुकदमों को आधार बनाकर आरोपियों की कथित आपराधिक गतिविधियों और गिरोह की सक्रियता का उल्लेख गैंगचार्ट में किया है।

गिरोह की अन्य गतिविधियों की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर संगठित तरीके से अपराध कर आर्थिक लाभ अर्जित करने का आरोप है। पुलिस ने गैंगचार्ट में यह भी उल्लेख किया है कि उनकी कथित गतिविधियों से क्षेत्र में भय का माहौल बनने की आशंका रहती है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अब आरोपियों से जुड़े कथित आपराधिक नेटवर्क, गिरोह की अन्य गतिविधियों और उससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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