मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के नावल्टी चौराहे पर सोमवार देर शाम पर्स छीनने के शक में एक युवक की पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप था कि युवक एक महिला का पर्स छीनकर भागने का प्रयास कर रहा था। इसी संदेह के आधार पर महिला और मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। घटना के दौरान चौराहे पर काफी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए युवक को हिरासत में लिया और कोतवाली ले गई। मंगलवार सुबह घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

वायरल वीडियो में महिला थप्पड़ मारती दिखी
मंगलवार सुबह करीब सात बजे से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में एक महिला युवक को थप्पड़ मारती दिखाई दे रही है। आसपास मौजूद कुछ अन्य लोग भी युवक के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के अगले हिस्से में युवक पुलिस की मौजूदगी में कान पकड़कर महिला से माफी मांगता दिखाई देता है।

वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम से पर्स छीनने के आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं होती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि युवक ने वास्तव में पर्स छीनने का प्रयास किया था या घटना के पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी।
युवक ने बताई पर्स हाथ में उलझने की बात
शिव चौक स्थित आबकारी पुलिस चौकी के प्रभारी शशि कपूर के अनुसार, युवक को मौके से पकड़कर कोतवाली लाया गया था। वहां मौजूद लोगों को संदेह था कि युवक महिला के हाथ से पर्स छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि चलते समय पर्स उसके हाथ में उलझ गया था। इस तरह मौके पर मौजूद लोगों के आरोप और युवक की ओर से दी गई सफाई में अंतर सामने आया है। फिलहाल पुलिस के सामने पर्स छीनने के आरोप की पुष्टि करने वाली कोई लिखित शिकायत नहीं आई है।
महिला शिकायत दर्ज कराने नहीं पहुंची
चौकी प्रभारी शशि कपूर ने बताया कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। जिस महिला का पर्स होने की बात कही जा रही है, वह घटना के बाद मौके से चली गई थी। पुलिस के अनुसार, महिला भी शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने नहीं पहुंची है।
लिखित शिकायत नहीं मिलने के कारण मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पर्स छीनने का आरोप फिलहाल संदेह और युवक के बयान तक सीमित है। मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटना की परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
संदेह होने पर पुलिस को सूचना देना जरूरी
नावल्टी चौराहे की घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर संदेह के आधार पर लोगों को पकड़कर पीटने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े किए हैं। किसी व्यक्ति पर चोरी या पर्स छीनने का शक होने पर कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना देना उचित है। आरोप सही है या नहीं, इसका निर्धारण जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना चाहिए। भीड़ द्वारा की गई मारपीट भी कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है।

