मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र के गांव जौली में दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दलित बस्ती में शुरू हुआ मामूली झगड़ा देखते ही देखते खूनी संघर्ष और पथराव में बदल गया। हालात को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी उपद्रवियों ने हमला कर दिया, जिसमें जौली चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार सोमवार को गांव जौली की अनुसूचित जाति बस्ती में किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग अपने-अपने मकानों की छतों पर चढ़ गए और एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर बरसाने लगे। पथराव से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

सूचना मिलने पर जौली चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सुमित चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मेगाफोन के जरिए लोगों को समझाने और पथराव रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि कुछ उपद्रवियों ने पुलिस टीम को ही निशाना बना लिया और उन पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
पथराव में चौकी प्रभारी सुमित चौधरी के दाहिने घुटने, कांस्टेबल धर्मेंद्र के कंधे तथा कांस्टेबल धर्मवीर की बायीं कोहनी में चोटें आईं। पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात पर काबू पाया गया।
पुलिस ने मामले में 13 नामजद और 7 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम पर हमला करने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। प्रथम पक्ष से राजबीर, श्रीपाल, मोनू, छोटा, प्रमोद, शिवकुमार, अंकुश समेत अन्य लोगों तथा दूसरे पक्ष से धर्मवीर, ओमप्रकाश, धर्मेंद्र, मोहित, बलवेंद्र, रोहित समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
भोपा थाना प्रभारी आशुतोष कुमार ने बताया कि पुलिस पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजवीर, प्रमोद, शिव कुमार, धर्मवीर, ओमप्रकाश और धर्मेंद्र के रूप में हुई है, जो सभी गांव जौली के निवासी हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। घटना के बाद गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर शांति व्यवस्था बनाए रखी गई है।

