खतौली (मुजफ्फरनगर)। रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव फुलत में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। 24 वर्षीय महिला का शव घर के एक कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मृतका के मायके पक्ष ने पति और ससुराल पक्ष पर अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर हत्या करने तथा शव को फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है।

पुलिस के अनुसार मृतका भावना मूल रूप से मुजफ्फरनगर के पचेंडा गांव की रहने वाली थी। लगभग तीन वर्ष पहले उसका विवाह फुलत गांव निवासी सोनू पुत्र सुरेश के साथ हुआ था। शादी के बाद दंपति के दो छोटे बच्चे भी हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।

बताया जा रहा है कि रविवार रात भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद के बाद पति घर से बाहर चला गया। कुछ समय बाद भावना का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।
मृतका के मायके में सूचना पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण फुलत गांव पहुंचे। मायके पक्ष का आरोप है कि विवाह के बाद से ही भावना को अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। उनका कहना है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई और बाद में साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को फंदे पर लटका दिया गया।
परिजनों ने रतनपुरी थाने में तहरीर देकर पति, ससुर और अन्य ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद गांव में भी शोक और तनाव का माहौल बना रहा।
सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए गए।
थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि विवाहिता के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मायके पक्ष की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की सभी पहलुओं से निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

