मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामपुरी में पालतू कुत्ते से किशोरी पर हमला कराने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने परिवार के तीन अन्य सदस्यों के साथ मिलकर जानबूझकर अपना हिंसक कुत्ता रास्ते से गुजर रही किशोरी के पीछे छोड़ दिया। कुत्ते के हमले में किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके पैर और कूल्हे की हड्डी टूट गई। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों को उसके पैर का ऑपरेशन करना पड़ा। पीड़ित पिता ने पहले शहर कोतवाली में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी पड़ोसी समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कुत्ते की आक्रामकता से पहले से परेशान थे मोहल्ले के लोग

मोहल्ला रामपुरी निवासी विशाल त्यागी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पड़ोस में प्रदीप पुत्र अतर सिंह रहता है, जिसने अपने घर में एक बेहद आक्रामक कुत्ता पाल रखा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रदीप अक्सर इस कुत्ते के जरिए रास्ते से गुजरने वाले लोगों को डराता और उन पर हमला करवाता था। कुत्ते के व्यवहार से मोहल्ले के लोग परेशान थे। विशाल त्यागी और अन्य पड़ोसियों ने कई बार प्रदीप को समझाया कि वह कुत्ते को नियंत्रण में रखे, ताकि किसी राहगीर या पड़ोसी को नुकसान न पहुंचे, लेकिन उसने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया।
शिकायत के अनुसार, जब भी कोई व्यक्ति प्रदीप से कुत्ते को बांधकर रखने या सावधानी बरतने की बात कहता था, तो वह उल्टा विवाद करने लगता था। आरोप है कि वह लोगों को झूठे एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देता था। इस मामले में उसका परिवार भी उसका साथ देता था। इससे मोहल्ले के लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।
27 अक्टूबर की रात किशोरी के पीछे छोड़ दिया कुत्ता
विशाल त्यागी ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 27 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे उनकी बेटी आरुषि रास्ते से गुजर रही थी। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोसी प्रदीप, उसके बेटे गोलू, बेटी स्वीटी उर्फ उर्वशी और पत्नी संगीता ने आरुषि को देखकर जानबूझकर अपना हिंसक कुत्ता उसके पीछे छोड़ दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुत्ते को किशोरी पर हमला करने के लिए उकसाया भी गया।
अचानक हुए हमले से आरुषि संभल नहीं सकी और कुत्ते ने उसे दबोच लिया। कुत्ते के हमले से मौके पर चीख-पुकार मच गई। विशाल त्यागी का दावा है कि उन्होंने और वहां मौजूद अन्य लोगों ने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी। उन्होंने इसे महज हादसा न बताते हुए आरोप लगाया कि किशोरी पर जानबूझकर कुत्ते से हमला कराया गया।
हमले में पैर और कूल्हे की हड्डी टूटी, पैर का करना पड़ा ऑपरेशन
कुत्ते के हमले में आरुषि को गंभीर चोटें आईं। उसके पैर और कूल्हे की हड्डी टूट गई। किशोरी की हालत देखकर परिजन घबरा गए और मोहल्ले के लोगों की मदद से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने गंभीर चोटों को देखते हुए उपचार शुरू किया और उसके पैर का ऑपरेशन करना पड़ा।
विशाल त्यागी के अनुसार, बेटी की गंभीर हालत के कारण परिवार का पूरा ध्यान उसके इलाज और देखभाल पर लगा रहा। अस्पताल में भर्ती बेटी की स्थिति को लेकर परिवार पहले से ही परेशान था। इसी बीच आरोपियों की ओर से कथित धमकियों और पुलिस कार्रवाई में देरी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं।
घर पहुंचकर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
पीड़ित पिता का आरोप है कि घटना के बाद प्रदीप और उसके परिवार के सदस्य उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि उन्होंने मामले में कोई कदम उठाया तो पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसा दिया जाएगा। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार खुद को डरा हुआ महसूस कर रहा है।
विशाल त्यागी ने बताया कि उन्होंने 28 अक्टूबर को ही शहर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उनके अनुसार पुलिस स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। एक ओर उनकी बेटी अस्पताल में उपचार करा रही थी, वहीं दूसरी ओर शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से परिवार परेशान था।
एसएसपी के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इसके बाद 5 नवंबर को विशाल त्यागी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के कार्यालय पहुंचे और उन्हें पूरे मामले की जानकारी देते हुए लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने बेटी पर हुए हमले, आरोपियों की कथित धमकियों और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत करते हुए न्याय की मांग की।
प्रार्थना पत्र में प्रदीप पुत्र अतर सिंह, गोलू पुत्र प्रदीप, स्वीटी उर्फ उर्वशी पुत्री प्रदीप और संगीता पत्नी प्रदीप को नामजद किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सूरज कुमार राय ने शहर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। एसएसपी के आदेश पर 5 नवंबर को चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

