मुजफ्फरनगर। जिले में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई करने वाले नेटवर्क के खिलाफ शाहपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सोरम गांव के गेट नंबर-दो के पास स्थित यात्री प्रतीक्षालय में छापेमारी कर मेरठ जिले के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से छह अवैध पिस्टल, तीन देशी तमंचे और एक मस्कट समेत कुल 10 हथियार बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पांच जिंदा कारतूस और एक पिट्ठू बैग भी पुलिस ने जब्त किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी मेरठ के एक व्यक्ति से अवैध विदेशी पिस्टल और तमंचे खरीदकर लाते थे। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर मांग के अनुसार इन्हें ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। घटना के दिन भी चारों आरोपी हथियारों की खेप लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचे थे और किसी को डिलीवरी देने की तैयारी में थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक ने कार्रवाई का खुलासा किया।

मुखबिर की सूचना पर यात्री प्रतीक्षालय में दबिश
शाहपुर थाना पुलिस 29 अक्टूबर 2026 को क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम सोरम के गेट नंबर-दो स्थित यात्री प्रतीक्षालय में कुछ लोग अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए मौजूद हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि आरोपी हथियारों की सप्लाई करने के इरादे से वहां पहुंचे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। यात्री प्रतीक्षालय में मौजूद चार संदिग्धों को पुलिस ने अचानक दबिश देकर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध हथियारों की खेप और जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद पुलिस चारों को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
इस मामले में थाना शाहपुर में मुकदमा अपराध संख्या 299/2026 के तहत आयुध अधिनियम की धारा 3, 5 और 25 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
छह पिस्टल, तीन तमंचे और एक मस्कट बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल दस अवैध हथियार बरामद किए हैं। इनमें 32 बोर की छह पिस्टल, 315 बोर के तीन देशी तमंचे और 315 बोर की एक मस्कट शामिल है। इसके साथ ही 315 बोर के पांच जिंदा कारतूस और हथियार रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा एक पिट्ठू बैग भी मिला है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी हथियारों को बैग में रखकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते थे। बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की खेप कहां से खरीदी गई थी और मुजफ्फरनगर में किसे इसकी डिलीवरी दी जानी थी।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे मेरठ के एक व्यक्ति से विदेशी पिस्टल और तमंचे खरीदते थे। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर मांग के हिसाब से हथियारों को महंगे दामों में बेच देते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी घटना वाले दिन भी हथियारों की सप्लाई देने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर आए थे।
मेरठ के चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश उर्फ शुगनू पुत्र सतीश निवासी ग्राम बपारसी, थाना सरधना, मेरठ; सनी पुत्र राजसिंह निवासी ग्राम अटेरना, थाना सरधना, मेरठ; निखिल उर्फ निक्की पुत्र रविन्द्र निवासी ग्राम पथौली, थाना सरूरपुर, मेरठ और शुभम पुत्र सतेन्द्र सिंह निवासी ग्राम अटेरना, थाना सरधना, मेरठ के रूप में की है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में आकाश उर्फ शुगनू और निखिल उर्फ निक्की का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। आकाश के खिलाफ बिजनौर और मेरठ जिलों में कई मुकदमे दर्ज हैं। बिजनौर के कोतवाली देहात थाने में वर्ष 2023 में मुकदमा अपराध संख्या 434/2023 दर्ज किया गया था। इसमें आईपीसी की धारा 120बी, 395 और 412 के साथ आयुध अधिनियम की धारा 3/25 लगाई गई थी।
इसके अलावा मेरठ के सरधना थाने में वर्ष 2021 में मुकदमा अपराध संख्या 253/2021 दर्ज हुआ था। इसमें आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 302, 307, 452, 504 और 506 शामिल हैं। इसी थाने में वर्ष 2021 में उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 748/2021 भी दर्ज किया गया था, जिसमें धारा 174ए लगाई गई थी।
वहीं, निखिल उर्फ निक्की के खिलाफ मेरठ के सरधना थाने में वर्ष 2025 में मुकदमा अपराध संख्या 679/2025 दर्ज हुआ था। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 118(1), 191(2), 191(3), 352 और 3(5) शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है। पुराने मुकदमों में दर्ज आरोपों को दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
मुख्य सप्लायर तक पहुंचने में जुटी पुलिस
हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य मेरठ में हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की पहचान करना और यह पता लगाना है कि वह अवैध हथियार कहां से हासिल करता था। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने अब तक कितनी खेप सप्लाई की हैं और इस नेटवर्क में मुजफ्फरनगर तथा आसपास के जिलों के कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस हथियारों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में किए जाने की योजना तो नहीं थी। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी देहात के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देश में की गई। अभियान अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के पर्यवेक्षण में चलाया गया।
कार्रवाई का नेतृत्व एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह और शाहपुर थानाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह ने किया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विशाल यादव, उपनिरीक्षक दीपक चौधरी, मुख्य आरक्षी प्रेमचन्द, आरक्षी अलीम, चन्द्रवीर सिंह, सोमवीर सिंह, शिवम यादव और अफजाल शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए जांच जारी है। चार आरोपियों की गिरफ्तारी और दस हथियारों की बरामदगी को इस दिशा में अहम कार्रवाई माना जा रहा है।

