बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। तहसील परिसर सोमवार को उस समय तनावपूर्ण माहौल में बदल गया जब ग्राम जौला निवासी दिव्यांग मुजम्मिल अपनी पत्नी और छोटे बच्चों के साथ इंसाफ की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गया। मामले ने देखते ही देखते तूल पकड़ लिया और भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ता भी समर्थन में धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शन कर रहे दिव्यांग मुजम्मिल का आरोप है कि गांव में चल रहे तालाब सुंदरीकरण कार्य के दौरान ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों ने नियमों को दरकिनार करते हुए कार्रवाई की। उनका कहना है कि इस दौरान उनकी निजी पैतृक भूमि को भी तालाब में शामिल कर खुदवा दिया गया, जिससे उनका जीवनयापन प्रभावित हो गया है।

मुजम्मिल ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में कुछ प्रभावशाली लोगों के अवैध कब्जों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि उनके जैसे कमजोर और दिव्यांग परिवार को निशाना बनाया गया है। इस कार्रवाई से आहत होकर उन्होंने परिवार सहित भूख हड़ताल शुरू कर दी।
मामले के तूल पकड़ने पर उपजिलाधिकारी बुढ़ाना कृष्णकांत मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राजस्व विभाग की टीम गठित कर मौके पर जांच और पैमाइश के लिए गांव जौला रवाना कर दी।
धरने में मौजूद भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष सुधीर पंवार ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक पीड़ित की भूमि की सही पैमाइश कर न्याय नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल तहसील परिसर में भारी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद हैं, जबकि प्रशासनिक टीम गांव में जांच प्रक्रिया में जुटी हुई है।

