मुजफ्फरनगर/मेरठ। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के रसूलपुर भदेड़ी गांव निवासी राजमिस्त्री तालिब हत्याकांड में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पत्नी इलमा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके प्रेमी अमन को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, तालिब की हत्या के बाद अमन दिल्ली चला गया था, जहां उसने किराये का मकान लेकर शरण ले रखी थी। पुलिस से बचने के लिए उसने करीब बीस दिनों तक अपना मोबाइल फोन बंद रखा। इस दौरान वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा, लेकिन बाद में जब उसने अपने परिवार के लोगों से संपर्क किया तो पुलिस को उसके ठिकाने के बारे में जानकारी मिल गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

यह मामला शुरुआत में हार्ट अटैक से हुई मौत का समझा जा रहा था। पत्नी इलमा ने पति की मौत को स्वाभाविक बताते हुए परिजनों को इसकी जानकारी दी थी। परिवार ने उसकी बात पर भरोसा करते हुए तालिब के शव को मुजफ्फरनगर स्थित उसके पैतृक गांव में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था। हालांकि, बाद में तालिब के मोबाइल फोन से मिली बातचीत और रिकॉर्डिंग ने परिजनों के मन में संदेह पैदा कर दिया। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जिलाधिकारी के आदेश पर कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या के आरोपों की जांच तेज करते हुए पहले पत्नी इलमा और अब अमन को गिरफ्तार किया है।

बुढ़ाना के रसूलपुर भदेड़ी गांव का रहने वाला था तालिब
तालिब मूल रूप से मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना क्षेत्र के रसूलपुर भदेड़ी गांव का निवासी था। रोजगार की तलाश में वह मेरठ चला गया था और फतेहउल्लापुर स्थित कच्ची जाकिर कॉलोनी में किराये के मकान में रहकर राजमिस्त्री का काम करता था। मेहनत-मजदूरी करके वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।
करीब चार वर्ष पहले तालिब की शादी मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र निवासी इलमा से हुई थी। इलमा ब्यूटीशियन का काम करती थी। पुलिस के अनुसार, शादी के बाद इलमा की अमन नाम के युवक से नजदीकियां बढ़ गई थीं। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। बताया जाता है कि तालिब को अपनी पत्नी और अमन के संबंधों की जानकारी हो गई थी। उसने अमन को अपनी पत्नी से बातचीत करने से मना किया था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ने लगा था।
पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, पति की आपत्ति के बावजूद इलमा और अमन के बीच संपर्क बना हुआ था। तालिब द्वारा विरोध किए जाने के बाद मामला गंभीर होता चला गया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश किस तरह तैयार की गई और वारदात में शामिल अन्य व्यक्ति की क्या भूमिका रही।
अट्ठाईस सितंबर की रात हुई थी तालिब की मौत
तालिब की मौत अट्ठाईस सितंबर की रात मेरठ की जाकिर कॉलोनी में हुई थी। पत्नी इलमा ने परिजनों को बताया था कि तालिब को अचानक हार्ट अटैक आया, जिससे उसकी मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से परिवार के लोग दुखी थे। पत्नी की बात पर भरोसा करते हुए उन्होंने तत्काल किसी तरह का संदेह जाहिर नहीं किया।
परिवार के लोग तालिब के शव को मुजफ्फरनगर के रसूलपुर भदेड़ी गांव ले आए। वहां बिना पोस्टमार्टम कराए शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उस समय परिजनों को यह अंदाजा नहीं था कि जिस मौत को हार्ट अटैक बताया जा रहा है, उसके पीछे हत्या की आशंका भी हो सकती है।
हालांकि, अंतिम संस्कार के बाद इलमा के कुछ व्यवहार और तालिब के मोबाइल फोन को लेकर हुई घटनाओं ने परिजनों को सोचने पर मजबूर कर दिया। परिवार के लोगों को धीरे-धीरे शक होने लगा कि तालिब की मौत के पीछे कोई दूसरी वजह हो सकती है। इसी संदेह ने आगे चलकर पूरे मामले की जांच का रास्ता खोला।
शव दफन होने से पहले सामान समेटने लगी थी पत्नी, परिजनों को हुआ शक
तालिब की मौत के बाद पत्नी इलमा की गतिविधियों को लेकर परिवार के लोगों ने सवाल उठाए। परिजनों के अनुसार, शव को दफनाए जाने से पहले ही इलमा घर का कीमती सामान समेटकर पैक करने लगी थी। सामान्य परिस्थितियों में पति की अचानक मौत के बाद उसके व्यवहार को लेकर परिवार के लोगों को यह बात असामान्य लगी।
इसी दौरान परिजनों ने तालिब का मोबाइल फोन मांगा तो इलमा ने फोन उसके पास होने से इनकार कर दिया। मोबाइल फोन के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से परिवार का संदेह और बढ़ गया। परिजन यह समझ नहीं पा रहे थे कि तालिब का मोबाइल कहां गया और उसे देने से इनकार क्यों किया जा रहा है।
बाद में घर में कपड़ों के बीच तालिब का मोबाइल फोन मिल गया। फोन मिलने के बाद परिजनों ने उसमें मौजूद बातचीत और रिकॉर्डिंग की जांच की। मोबाइल में मिली सामग्री से तालिब और अमन के बीच संबंधों को लेकर पहले से चल रहे विवाद की जानकारी सामने आई। इसके बाद परिवार को आशंका हुई कि तालिब की मौत को स्वाभाविक बताकर किसी गंभीर घटना पर पर्दा डालने की कोशिश की गई है।
मोबाइल की चैट और रिकॉर्डिंग ने मामले को दिया नया मोड़
इस हत्याकांड की जांच में तालिब का मोबाइल फोन अहम कड़ी साबित हुआ। परिवार के अनुसार, तीस सितंबर को इलमा अपने ससुराल से वापस मेरठ की जाकिर कॉलोनी पहुंची थी। इसके बाद एक अक्टूबर को तालिब का ममेरा भाई रईस वहां गया और उसने इलमा से तालिब का मोबाइल फोन मांगा, लेकिन इलमा ने फोन देने से इनकार कर दिया।
परिजनों के मुताबिक, दो अक्टूबर को तालिब का मोबाइल फोन घर में कपड़ों के बीच से बरामद हुआ। फोन में इलमा और अमन के बीच हुई बातचीत की चैट मिली। इसके अलावा कुछ रिकॉर्डिंग भी सामने आईं, जिनसे पता चला कि तालिब को दोनों के संबंधों की जानकारी थी। उसने अमन को अपनी पत्नी से दूर रहने की चेतावनी भी दी थी।
मोबाइल से मिली इस जानकारी के बाद परिवार को तालिब की मौत को लेकर बताई गई कहानी पर संदेह होने लगा। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने का निर्णय लिया और पुलिस से संपर्क किया। मोबाइल में मिली बातचीत और रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की।
ममेरे भाई रईस की शिकायत पर दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा
मोबाइल फोन से मिली जानकारी और परिस्थितियों पर संदेह होने के बाद तालिब के ममेरे भाई रईस ने पुलिस से शिकायत की। उसने तालिब की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
शिकायत के बाद पुलिस ने घटनाक्रम की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान तालिब की मौत की परिस्थितियों, पत्नी के बयान, मोबाइल फोन से मिली सामग्री और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को ध्यान में रखा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
जिलाधिकारी के आदेश पर चौदह अक्टूबर को तालिब का शव कब्र से बाहर निकलवाया गया। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला सामान्य मौत के बजाय हत्या के आरोपों से जुड़ गया और पुलिस ने आरोपियों की तलाश तथा पूछताछ की कार्रवाई तेज कर दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि
तालिब की मौत की असल वजह जानने के लिए कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया जाना इस मामले का अहम मोड़ साबित हुआ। परिवार ने शुरुआत में पत्नी की बात पर भरोसा कर शव को दफना दिया था, लेकिन मोबाइल फोन से मिली जानकारी और बाद में दर्ज कराई गई शिकायत के कारण जांच का दायरा बढ़ा।
पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत की पुष्टि होने के बाद हार्ट अटैक से मौत होने के दावे पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। पुलिस ने इस रिपोर्ट को जांच में महत्वपूर्ण आधार मानते हुए हत्या के आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आए आरोपों के आधार पर इलमा को पहले गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस अमन की तलाश में जुटी रही। अमन की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस वारदात में शामिल अन्य व्यक्ति की भूमिका और घटना से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच कर रही है।
हत्या के बाद दिल्ली में छिप गया था अमन
पुलिस के मुताबिक, तालिब की हत्या के मामले में नाम सामने आने के बाद अमन मेरठ से निकलकर दिल्ली चला गया था। वहां उसने किराये का मकान लिया और पुलिस से बचने के लिए छिपकर रहने लगा। उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया था, जिससे उसकी लोकेशन का पता लगाने में पुलिस को परेशानी हो रही थी।
अमन के लगातार मोबाइल बंद रखने के कारण पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही। करीब बीस दिनों तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। इस दौरान उसने अपने परिवार के लोगों से भी संपर्क नहीं किया था। बाद में जब उसने परिवार के सदस्यों से संपर्क किया तो पुलिस को उसके बारे में जानकारी मिल गई।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज की और उसे गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अमन की गिरफ्तारी को पुलिस इस मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई मान रही है, क्योंकि वह घटना के बाद से फरार चल रहा था।
पत्नी इलमा के बाद अमन की गिरफ्तारी, तीसरे व्यक्ति की भूमिका की जांच
तालिब हत्याकांड में पुलिस इससे पहले उसकी पत्नी इलमा को गिरफ्तार कर चुकी है। अब अमन की गिरफ्तारी के बाद मामले में नामजद प्रमुख आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ी है। पुलिस के अनुसार, हत्या के आरोपों में अमन और उसके एक साथी की भूमिका की जांच की जा रही है।
आरोप है कि अट्ठाईस सितंबर की रात इलमा ने अमन और उसके एक साथी के साथ मिलकर तालिब का गला दबाया था। इसके बाद मौत को स्वाभाविक दिखाने की कोशिश की गई। हालांकि, मामले में आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात के समय कौन-कौन मौजूद था, घटना में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी और हत्या के बाद साक्ष्यों को छिपाने की कोशिश किस तरह की गई। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीओ संग्राम सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की
सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने अमन की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि तालिब हत्याकांड में वांछित आरोपी अमन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है। इससे पहले तालिब की पत्नी इलमा को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, मामले में नामजद अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को जुटाकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
मोबाइल फोन से शुरू हुआ शक, पोस्टमार्टम के बाद खुला मौत का राज
तालिब की मौत का मामला कई चरणों से गुजरते हुए हत्या की जांच तक पहुंचा। शुरुआत में पत्नी ने हार्ट अटैक से मौत होने की जानकारी दी और परिजनों ने शव को पैतृक गांव में दफना दिया। इसके बाद घर का सामान समेटने, मोबाइल फोन नहीं देने और बाद में फोन से चैट व रिकॉर्डिंग मिलने जैसी घटनाओं ने परिवार के मन में संदेह पैदा किया।
ममेरे भाई रईस की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जिलाधिकारी के आदेश पर कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद पत्नी इलमा की गिरफ्तारी हुई और अब उसके प्रेमी अमन को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के रहने वाले राजमिस्त्री तालिब की मौत का यह मामला अब आगे की कानूनी कार्रवाई के चरण में पहुंच गया है। पुलिस हत्या में कथित रूप से शामिल अन्य व्यक्ति की भूमिका और वारदात से जुड़े शेष तथ्यों की जांच कर रही है।

