मुजफ्फरनगर। कचहरी परिसर में मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की एक मिसाल देखने को मिली। जिला बार संघ, मुजफ्फरनगर की ओर से कचहरी परिसर स्थित फैथम हॉल में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अधिवक्ताओं के साथ-साथ अन्य लोगों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए जरूरतमंद मरीजों के लिए स्वेच्छा से रक्तदान किया।

आयोजकों के अनुसार शिविर का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में भर्ती जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आम लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना था। सुबह से ही रक्तदान करने के इच्छुक लोग फैथम हॉल पहुंचने लगे और पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल बना रहा।

सुबह दस बजे शुरू हुआ शिविर
कचहरी परिसर के फैथम हॉल में आयोजित रक्तदान शिविर सुबह दस बजे शुरू हुआ और दोपहर बाद तीन बजे तक चला। जिला बार संघ के अध्यक्ष एडवोकेट प्रमोद त्यागी और महासचिव एडवोकेट सुरेंद्र कुमार मलिक की मौजूदगी और नेतृत्व में शिविर का संचालन किया गया। रक्तदान के लिए पहुंचे लोगों का आयोजकों की ओर से उत्साह बढ़ाया गया और उन्हें रक्तदान के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
शिविर में रक्त संग्रह की जिम्मेदारी अलकनंदा चैरिटेबल ब्लड सेंटर की चिकित्सकीय टीम ने संभाली। टीम की ओर से रक्तदान के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं की गई थीं। रक्तदान करने पहुंचे प्रत्येक व्यक्ति की पहले स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई।
हीमोग्लोबिन और ब्लड प्रेशर की जांच
रक्तदान से पहले चिकित्सकीय टीम ने इच्छुक रक्तदाताओं का हीमोग्लोबिन और ब्लड प्रेशर जांचा। इसके अलावा आवश्यक प्राथमिक जांच भी की गई। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि जांच में स्वस्थ और रक्तदान के लिए योग्य पाए गए लोगों से ही रक्त लिया गया।
चिकित्सकीय टीम ने रक्तदान करने पहुंचे लोगों को यह भी समझाया कि रक्तदान से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जांच कराना जरूरी है। योग्य व्यक्ति द्वारा निर्धारित अंतराल पर किया गया रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
रक्तदान को बताया मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम
शिविर के दौरान जिला बार संघ के अध्यक्ष एडवोकेट प्रमोद त्यागी और महासचिव एडवोकेट सुरेंद्र कुमार मलिक ने रक्तदान के महत्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। सड़क हादसों में घायल मरीजों, गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों, बड़े ऑपरेशन और प्रसव के दौरान कई बार तत्काल रक्त की जरूरत पड़ती है। ऐसे समय में उपलब्ध रक्त किसी जरूरतमंद मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है।
चिकित्सकीय टीम के सदस्यों ने भी रक्तदान से जुड़ी सावधानियों और प्रक्रिया के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रक्तदान से पहले चिकित्सकीय जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि संबंधित व्यक्ति रक्तदान के लिए योग्य है या नहीं।
अधिवक्ताओं ने सामाजिक जिम्मेदारी का दिया संदेश
शिविर में अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी चर्चा का विषय रही। जिला बार संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में अधिवक्ताओं की भागीदारी समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देती है। उन्होंने रक्तदान शिविर को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी रक्तदाताओं, अधिवक्ताओं और अलकनंदा चैरिटेबल ब्लड सेंटर की चिकित्सकीय टीम का आभार जताया।
शिविर के दौरान कचहरी परिसर में मौजूद अन्य अधिवक्ताओं और आम लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बढ़ाने के साथ समाज में मानव सेवा और एक-दूसरे की मदद करने की भावना को भी मजबूत किया जा सकता है।

