मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। कस्बे के मोहल्ला कोटला निवासी एक उपभोक्ता ने एचपी गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि वैध घरेलू गैस कनेक्शन और केवाईसी पूरी होने के बावजूद उसे पिछले करीब एक साल से सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है। आरोप है कि एजेंसी कर्मचारी हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर उसे वापस लौटा देते हैं। विरोध करने पर कथित तौर पर उसके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। मामले से परेशान होकर उपभोक्ता ने पुलिस को लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

केवाईसी पूरी होने के बाद भी नहीं मिला सिलेंडर
मोहल्ला कोटला निवासी अखिल पुत्र सुभाष के मुताबिक, उसके नाम पर एचपी गैस का वैध घरेलू कनेक्शन है। वह पहले नियमित रूप से इसी कनेक्शन पर गैस सिलेंडर लेता रहा है। पीड़ित का दावा है कि उसने गैस कनेक्शन से संबंधित केवाईसी समेत सभी जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी कर रखी हैं।

अखिल के अनुसार, गुरुवार 20 अगस्त को वह मीरापुर स्थित आयुष गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने पहुंचा था। आरोप है कि वहां मौजूद सेल्समैन ने उसके गैस खाते में किसी अज्ञात व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज होने की बात कही और इसी आधार पर सिलेंडर देने से इनकार कर दिया।
दूसरे व्यक्ति द्वारा सिलेंडर लेने का लगाया आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसके वैध गैस कनेक्शन पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर लगातार सिलेंडर लिया जा रहा है। उसका कहना है कि इसी वजह से वह पिछले करीब एक साल से गैस सिलेंडर के लिए परेशान है।
अखिल के मुताबिक, घरेलू जरूरत के लिए उसे पड़ोसियों से गैस मांगकर किसी तरह खाना बनाना पड़ रहा है। उसने एजेंसी कर्मचारियों से इस मामले की शिकायत करते हुए अपने कनेक्शन की जानकारी सही कराने और सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन कथित तौर पर उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया।
विरोध करने पर अभद्रता का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने एजेंसी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया और अपना हक मांगा, तो उसके साथ तीखी बहस की गई। आरोप है कि कर्मचारियों ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते हुए उसे वहां से भगा दिया।
मामले से परेशान होकर अखिल स्थानीय थाने पहुंचा और गैस एजेंसी के कर्मचारियों के खिलाफ लिखित तहरीर दी। उसने पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि उपभोक्ता के गैस कनेक्शन में किस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल दर्ज है और पिछले एक साल के दौरान उस कनेक्शन पर कितने सिलेंडर बुक या वितरित किए गए।
यदि जांच में किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा उपभोक्ता के कनेक्शन का गलत इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल पीड़ित को अपने वैध कनेक्शन पर सिलेंडर मिलने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का इंतजार है।

