मातृ शिशु दर में कमी लाने एवं जनपद के समस्त पंजीकृत निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम व अन्य संस्थानों से मातृ व शिशु स्वास्थ्य देखभाल, नियमित टीकाकरण, परिवार कल्याण की सेवाओं की रिपोर्ट ससमय प्रदान कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधन व पीएसआई इंडिया के सहयोग से एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अखिलेश मोहन जी की अध्यक्षता में आयोजित की गई ।

बैठक में सीएमओ ने निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम व अन्य संस्थानों से आए चिकित्सकों, प्रबन्धकों व अन्य कर्मियों से कहा कि वह हर माह की 21 से 20 तारीख और अधिकतम 25 तारीख तक प्रसव संबंधी सेवाओं, परिवार कल्याण कार्यक्रम, बच्चों के नियमित टीकाकरण, मातृ एवं शिशु जन्म व मृत्यु रिपोर्ट आदि की नवीनतम व अपडेटेड रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजना सुनिश्चित करें। यह रिपोर्ट संकलित कर भारत सरकार के पोर्टल हेल्थ मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) और रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (आरसीएच) पर अंकित की जाती है जिससे जनपद सहित अन्य जनपदों की रैंकिंग निर्धारित होती है। वर्तमान में जनपद के करीब 180 निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम व अन्य संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं । लेकिन इन समस्त निजी चिकित्सालयों में की ओर से 25 चिकित्सालयों से रिपोर्ट मिल पर रही है । जोकि बहुत कम हैं उन्होने ज़ोर दिया कि यदि जनपद के सभी निजी चिकित्सालय ससमय रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करेंगे तो जनपद को प्रदेश स्तर बढ़ेगा।

इस दौरान मनीष जिला एचएमआईएस पोर्टल ऑपरेटर ने इसके बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार का महत्वपूर्ण पोर्टल है। इसमें पारदर्शिता के साथ सही जानकारी भी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्टिंग में गलती से बचने के लिए फार्मेट में कुछ बदलाव किये गए हैं।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिवार कल्याण डॉ विश्वास चौधरी ने कहा कि सरकारी चिकित्सालयों सहित समस्त निजी चिकित्सालयों को सहयोग प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग हमेशा तत्पर है। निजी चिकित्सालयों की ओर से जितना बेहतर सहयोग मिलेगा उतना बेहतर परिणाम व सेवाएँ जन मानस को मिल सकेंगी।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एनयूएचएम डाॅ जावेद हुसैन ने समस्त निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम व अन्य संस्थानों से अपील की वह स्वास्थ्य विभाग के इस कार्य में पूर्ण सहयोग करें। यदि डाटा फीडिंग में किसी प्रकार की दिक्कत आ रही हो तो डाटा मैनेजर सहित प्रत्येक कार्यक्रम के नोडल अधिकारी से लगातार संपर्क कर सकते हैं ।
इस अवसर पर प्राइवेट नर्सिंग होम, अस्पताल, स्वास्थ्यकर्मियों सहित पीएसआई इंडिया से कोमल घई व यूपीटीएसयू से जितेंद्र सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक,अर्बन हेल्थ कोरिडनेटर, एआरओ आदि मौजूद रहे।